उदयपुर के श्री अमरख महादेव मंदिर पहुंचीं रेखा गुप्ता, दिल्लीवासियों के लिए मांगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

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नई दिल्ली, 15 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर राजस्थान में उदयपुर के अम्बेरी स्थित प्राचीन श्री अमरख महादेव मंदिर में महादेव की पूजा-अर्चना की। उनके साथ उनके मंत्रिमंडल के सदस्य भी मौजूद रहे।

सीएम रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर उदयपुर के अम्बेरी स्थित प्राचीन श्री अमरख महादेव मंदिर में देवाधिदेव महादेव की पूजा-अर्चना का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यह धाम शताब्दियों से तप, वैराग्य और शिव चेतना का जीवंत केंद्र रहा है। महाशिवरात्रि का यह पावन पर्व आत्मा के भीतर शिवत्व के जागरण का अवसर है। शिव ही शून्य हैं, शिव ही अनंत हैं और शिव ही वह आधार हैं जहां से सृजन, संतुलन और परिवर्तन का प्रवाह प्रारंभ होता है।”

उन्होंने आगे लिखा कि देवाधिदेव महादेव से प्रार्थना है कि उनका आशीर्वाद दिल्ली और समस्त देशवासियों पर बना रहे, और हम सभी को सेवा और लोक कल्याण के मार्ग पर अडिग रहने की शक्ति प्रदान करें। इस अवसर पर कैबिनेट सहयोगी आशीष सूद, रविन्द्र इन्द्राज, विधायक अनिल शर्मा और राजस्थान भाजपा के कई नेता मौजूद रहे।

इसके बाद, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नाथद्वारा धाम में श्रीनाथजी के दर्शन किए। यह वही पावन भूमि है, जहां भगवान श्रीकृष्ण के गोवर्धनधारी स्वरूप ने धर्म, करुणा और संरक्षण का सनातन संदेश दिया। शताब्दियों से यह धाम भक्ति और समर्पण की अखंड ज्योति का केंद्र रहा है।

उन्होंने लिखा, ‘महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर भगवान शिव का स्मरण इस अनुभूति को और दिव्य बना देता है। श्रीकृष्ण का करुणा स्वरूप और महादेव का तप स्वरूप, दोनों मिलकर सनातन की पूर्णता का मार्ग प्रशस्त करते हैं।’

सीएम रेखा गुप्ता ने महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, ‘समस्त दिल्लीवासियों को महाशिवरात्रि के पावन पर्व की अनंत शुभकामनाएं। देवाधिदेव महादेव और माता पार्वती के मंगल विवाह का यह उत्सव हमारे भीतर छिपे शिवत्व को जागृत करने का महापर्व है। आदिदेव ही चराचर जगत के सृजन, शक्ति और परम चेतना का आधार हैं। भोलेनाथ से प्रार्थना है कि उनका आशीर्वाद हमारे जीवन में सुख-शांति और दिल्ली की सतत् प्रगति एवं समृद्धि बनाए रखे।’

वहीं दिल्ली सरकार ने एक क्रांतिकारी पहल के अंतर्गत राजधानी की हर जमीन का ‘आधार कार्ड’ बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए हर जमीन को 14 अंकों की ‘विशिष्ट भूखंड पहचान संख्या’ प्रदान की जाएगी। यह कदम दिल्ली के भू अभिलेखों को आधुनिक बनाने और आम जनता को जमीनी विवादों से मुक्ति दिलाने के संकल्प का हिस्सा है।