नई दिल्ली, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि आगामी कुंभ मेला 2027 को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार में बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए विशेष अनुरोध किए गए हैं।
इस अवसर पर धामी ने केंद्रीय मंत्री को उत्तराखंड की पारंपरिक पहचान से जुड़े उत्पाद ‘बद्री गाय घी’ भेंट कर सम्मानित भी किया।
सीएम धामी ने केंद्रीय मंत्री से हरिद्वार नगर के गंगा कॉरिडोर क्षेत्र में विद्युत लाइनों के भूमिगतकरण और प्रणाली के स्वचालन के लिए प्रथम चरण में 325 करोड़ रुपए तथा द्वितीय चरण में लगभग 425 करोड़ रुपए की स्वीकृति देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के मद्देनजर यह कार्य अत्यंत आवश्यक है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर और सुरक्षित सुविधाएं मिल सकें।
धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा कि नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल से भेंट कर कुम्भ मेला, जनवरी 2027 के दृष्टिगत हरिद्वार नगर में गंगा कॉरिडोर क्षेत्र में लाईनों के भूमिगतिकरण एवं प्रणाली को स्वचालित किए जाने के लिए प्रथम चरण में 325 करोड़ रुपए तथा शेष लगभग 425 करोड़ रुपए द्वितीय चरण में अनुमोदित किए जाने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री से हरिद्वार में घाटों के सौंदर्यीकरण, आवासीय सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं शहरी अवसंरचना के विकास के लिए सहयोग, रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम को मोदीपुरम (मेरठ) से आगे हरिद्वार तक विस्तारित किए जाने और देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश मेट्रो कॉरिडोर के विकास का भी अनुरोध किया।
सभी विषयों पर सकारात्मक आश्वासन देने पर केंद्रीय मंत्री का सहृदय आभार। इस अवसर पर उन्हें उत्तराखंड का उत्पाद बद्री गाय घी भी उपहार स्वरूप भेंट किया।
इससे पहले सीएम धामी ने देहरादून में आयोजित दून बुक फेस्टिवल में विभिन्न विभागों एवं प्रकाशकों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया।
उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा कि देहरादून में आयोजित दून बुक फेस्टिवल में विभिन्न विभागों एवं प्रकाशकों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन करने के साथ ही छात्रों को पुस्तकें भेंट कर उन्हें अध्ययन के लिए प्रेरित किया। आप सभी से आग्रह है कि यदि आप किसी समारोह में जाएं, तो बुके और अन्य उपहारों के स्थान पर पुस्तकें एवं पौधे भेंट करने की परंपरा को अपनाएं, जिससे ज्ञान और पर्यावरण दोनों का संवर्धन हो सके।


