उत्तराखंड की धामी सरकार के चार साल पूरे, मुख्यमंत्री ने दोहराई प्रदेशवासियों के प्रति प्रतिबद्धता

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देहरादून, 23 मार्च (आईएएनएस)। उत्तराखंड की धामी सरकार ने सोमवार को अपने कार्यकाल के चार साल पूरे कर लिए। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए अपनी सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को साझा किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनकी सरकार राज्य के सतत विकास और लोगों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

सीएम धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए लिखा कि राज्य आंदोलनकारियों के सपनों को साकार करने और प्रदेश के करीब सवा करोड़ लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए उनकी सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा जा रहा है।

सीएम ने अपने संदेश में “विकास भी, विरासत भी” के मंत्र पर जोर दिया। उनका कहना है कि राज्य में विकास और पर्यावरण (इकोनॉमी और इकोलॉजी) के बीच संतुलन बनाकर काम किया जा रहा है, ताकि उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक पहचान बनी रहे। साथ ही, लोगों को बेहतर सुविधाएं भी मिलें।

इस खास मौके पर सीएम धामी ने एक पत्र भी साझा किया, जिसमें उन्होंने प्रदेशवासियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पिछले चार सालों में सरकार ने सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे अहम क्षेत्रों में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं। साथ ही, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा देने पर भी खास ध्यान दिया गया है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने “सरलीकरण, समाधान और निस्तारण” के सिद्धांत पर काम करते हुए प्रशासन को ज्यादा पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की कोशिश की है। इसके अलावा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, महिलाओं को सशक्त बनाने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं।

उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए आधुनिक विकास को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। आपदा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर भी सरकार ने विशेष ध्यान दिया है, ताकि भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और समृद्ध राज्य तैयार किया जा सके।

अंत में उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इसी तरह सहयोग और सुझाव देते रहें, ताकि मिलकर एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित उत्तराखंड का निर्माण किया जा सके। उनका मानना है कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ विकास करना नहीं बल्कि हर व्यक्ति तक उसका लाभ पहुंचाना है।