पटना, 14 फरवरी (आईएएनएस)। ‘वंदे मातरम’ को लेकर केंद्र सरकार की गाइडलाइंस पर कई मुस्लिम संगठनों की ओर से विरोध जताया गया है। बिहार सरकार में मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि विरोध करने का सवाल ही नहीं उठना चाहिए। सभी को ‘वंदे मातरम’ गायन को सहजता से स्वीकार करना चाहिए।
पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान बिहार सरकार में मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि जो लोग आपत्ति जता रहे हैं, शायद उनका नजरिया सही नहीं है। हमारी परंपराओं और इतिहास में राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ और राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को हमेशा बहुत सम्मान दिया गया है। एक को राष्ट्रीय गान का दर्जा मिला है और दूसरे को राष्ट्रीय गीत का। दोनों का बराबर सम्मान है। दोनों को गाया जाएगा तो यह असहज या अस्वाभाविक नहीं है। सभी लोगों को सहजता के साथ स्वीकार करना चाहिए। अगर वे स्वीकार नहीं करते, तो उनके नजरिए में फर्क है।
उन्होंने आगे कहा कि बिहार के लोग जानते हैं कि 2025 के चुनाव में उन्होंने नीतीश कुमार के नेतृत्व में हमारी सरकार को भारी बहुमत दिया था। उसी बहुमत के अनुसार मुख्यमंत्री ने बिहार के लोगों को राज्य के विकास से जोड़ने और साथ मिलकर आगे बढ़ने का वादा किया है। इसके तहत ‘सात निश्चय-3’ की घोषणा भी की गई है। बिहार के औद्योगीकरण और युवाओं को रोजगार देना प्राथमिकता है। यह स्वाभाविक कदम है।
मंत्री चौधरी ने यह भी कहा कि बिहार में कभी चीनी उद्योग प्रसिद्ध हुआ करता था, लेकिन चीनी मिलें बंद हो गई थीं, गन्ना किसान परेशान थे, और गन्ना उत्पादन में कमी आ रही थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि चीनी मिल को शुरू कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसे क्रियान्वित किया जा रहा है। इससे गन्ना उत्पादकों को बहुत फायदा होगा।
सीएम नीतीश कुमार ने एक्स पोस्ट में लिखा कि सात निश्चय-3 के तहत ‘समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार’ के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में बंद पड़ी चीनी मिलों को शुरू किया जाए। पुरानी बंद चीनी मिलों के शुरू होने से किसानों को काफी फायदा होगा तथा लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। राज्य में नई चीनी मिलों की स्थापना के लिए भी कार्रवाई करने को कहा है। बिहार को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल करने हेतु योजनाबद्ध तरीके से काम करने का निर्देश दिया।

