‘वंदे मातरम’ से किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए: खालिद अनवर

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पटना, 11 फरवरी (आईएएनएस)। जदयू नेता खालिद अनवर ने ‘वंदे मातरम’ गीत को लेकर केंद्र सरकार की नई गाइडलाइंस पर कहा कि यह देशभक्तों की सरकार है। मुझे नहीं लगता कि किसी भारतीय को इस पर एतराज होना चाहिए।

राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर जारी सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार, राष्ट्रीय गीत की अवधि 3 मिनट 10 सेकंड की होगी। राष्ट्रीय गीत के गायन के दौरान खड़ा होना जरूरी है। राष्ट्रीय गान के साथ पहले राष्ट्रीय गीत बजेगा। स्कूलों में राष्ट्रीय गीत से काम शुरू होगा।

‘वंदे मातरम’ गीत को लेकर जदयू नेता खालिद अनवर ने कहा कि राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रीय गान गाने से किसी को दिक्कत नहीं हो सकती। जो भारत का रहने वाला है, वह जरूर राष्ट्रीय गीत के दौरान खड़ा होगा। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तानी हमेशा राष्ट्रीय गान पर खड़े रहते हैं। राष्ट्रीय गीत को पक्ष और विपक्ष का मामला नहीं बनाना चाहिए। अगर किसी राज्य स्तर पर उनका गीत भी बजता है, तो उसमें क्या दिक्कत है?

जदयू नेता ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ भारत की आत्मा से जुड़ा हुआ गीत है। यह गीत अंतरात्मा की आवाज है। हमारे देश के स्वतंत्रता सेनानी जब आजादी की लड़ाई लड़ रहे थे तो उनकी जुबान पर ‘वंदे मातरम’ ही तो था। ‘वंदे मातरम’ किसी पार्टी का नहीं, बल्कि पूरे देश का गीत है।

राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि राष्ट्रीय गान के दौरान लोग खड़े होते हैं। राष्ट्रीय गीत के लिए भी खड़ा होना चाहिए। हम सभी तिरंगे को सम्मान करते हैं। राष्ट्रीय गीत में खड़े होने की यह परंपरा पहले नहीं थी। सरकार ने इसे अनिवार्य कर दिया है, तो कानूनी तौर पर लागू होने पर आम जन इसे स्वीकार कर लेगा। फिर भी सवाल यह है कि इसकी जरूरत क्यों पड़ी? हम लोग राष्ट्रीय गीत का भी सम्मान करते हैं।

उन्होंने कहा कि अगर सरकार का आदेश है, तो खड़ा रहना होगा – निर्देश का अनुपालन तो होगा ही। राष्ट्रीय गान आजादी के बाद कण-कण में व्याप्त है। जहां भी राष्ट्रीय धुन बजती है, लोग अपने आप खड़े हो जाते हैं।