नई दिल्ली, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। गर्मियों की शुरुआत के साथ सभी लोग जून की छुट्टियों का इंतजार करते हैं क्योंकि पूरे साल की थकान को उतारने के लिए शांति और सुकून भी जरूरी है।
अगर आप गर्मियों की छुट्टियों में कई जाने का प्लान कर रहे हैं और ऐसी जगह पर जाना चाहते हैं, जहां शांति, प्रकृति और पानी का अनोखा संगम देखने को मिलता है। खास बात यह भी है कि यहां पर्यटकों की संख्या कम है क्योंकि यह केरल का एक हिडन जैम है।
केरल के अलाप्पुझा में स्थित वेलियानाडु गांव एक शांत बैकवाटर गांव है, जो धान के खेतों, संकरी नहरों और समुद्र तल से नीचे की पारंपरिक कुट्टानाड खेती के लिए जाना जाता है। नारियल के पेड़ों से घिरा और वेम्बनाड झील से जुड़ा यह गांव सरल ग्रामीण जीवन को दर्शाता है। शांत और सुकून की तलाश करने वाले लोगों के लिए यह गांव पंचकर्म की तरह काम करेगा, जो उन्हें शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से रीसेट करने में मदद करेगा।
वेलियानाडु कई चीजों के लिए प्रसिद्ध है, जैसे वहां का चावल। धान की बहुत मात्रा में खेती होने की वजह से ही केरल को धान का कटोरा कहा जाता है। यहां अलग-अलग तरह के चावलों की किस्म की खेती होती है। वेलियानाडु में किचिली सांबा, पोंगर, मपिल्लई सांबा और कुलकर किस्म के चावलों की खेती होती है। भले ही दुनिया कितनी भी विकसित हो गई हो, लेकिन वेलियानाडु के गांव के लोग आज भी पारंपरिक पद्धतियों पर काम करते हैं। वेलियानाडु के गांव में आज भी पारंपरिक तरीके से मसालों को पीसा जाता है और खाने को केले के पत्ते पर परोसकर सादगी से खाया जाता है।
यहां नारियल की खेती भी अधिक संख्या में होती है, और यही कारण है कि वेलियानाडु में खाने के लगभग हर व्यंजन में नारियल का मिश्रण जरूर देखने को मिलता है। अगर आप भी वेलियानाडु जाने का प्लान कर रहे हैं, तो नारियल के बागानों और पारंपरिक कुट्टानाड खेती का मजा जरूर लें। यहां समद्र तल से नीचे 1.2 से 3.0 मीटर नीचे की खेती की पुरानी तकनीक है। यहां का पानी खारा और ताजा होता है।
अगर आप फिशिंग के शौकीन हैं, तो वेलियानाडु गांव आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन में से एक रहेगा। यहां आपको हाउसबोट और बोटिंग के बेहतरीन ऑप्शन मिलेंगे। नदियों पर बोटिंग के जरिए आपको गांव के बेहद सुंदर नजारे देखने को मिल जाएंगे। यह जगह परिवार के साथ शांति बिताने के लिए बहुत अच्छी जगह है।

