नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नई दिल्ली में रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव की मेजबानी करते हुए भारतीय नेतृत्व ने द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूती देने पर जोर दिया।
बैठक में व्यापार, उद्योग, ऊर्जा, उर्वरक, कनेक्टिविटी और मोबिलिटी के साथ-साथ प्रौद्योगिकी, नवाचार और महत्वपूर्ण खनिजों में नए अवसरों पर गहन चर्चा हुई। इसके साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों, विशेषकर पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर भी विचार-विमर्श किया गया।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ”गुरुवार को नई दिल्ली में रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव की मेजबानी करके मुझे प्रसन्नता हुई। हमने अपने द्विपक्षीय सहयोग पर गहन चर्चा की, जिसमें व्यापार, उद्योग, ऊर्जा, उर्वरक, कनेक्टिविटी और मोबिलिटी पर विशेष ध्यान दिया गया। साथ ही, प्रौद्योगिकी, नवाचार और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में मौजूद नए अवसरों पर भी बात हुई। हमने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया, जिसमें पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष भी शामिल है।”
इससे पहले रूसी संघ के पहले उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने भारत-रूस संबंधों की प्रगति पर चर्चा की।
रूसी संघ के पहले उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान आपसी सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति के बारे में जानकारी दी, जिसमें व्यापार और आर्थिक साझेदारी, उर्वरक, कनेक्टिविटी और लोगों के बीच संबंध शामिल हैं।
उन्होंने दिसंबर 2025 में नई दिल्ली में आयोजित 23वें द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के दौरान हुए समझौतों को लागू करने के लिए उठाए जाने वाले विशिष्ट कदमों पर चर्चा की।
रूस-भारत की ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया, जिसमें व्यापार, अर्थव्यवस्था, निवेश, ऊर्जा और औद्योगिक सहयोग पर मुख्य रूप से जोर दिया गया।
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2025 में 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा को याद किया।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ”रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव से मिलकर खुशी हुई। हमने व्यापार, उर्वरक, कनेक्टिविटी और लोगों के बीच आपसी संबंधों के क्षेत्रों में हमारे आपसी लाभकारी सहयोग पर चर्चा की। पिछले दिसंबर में राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा के दौरान आयोजित 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के परिणामों को लागू करने के लिए दोनों पक्षों द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों का स्वागत किया।”


