यूपी विधान परिषद में विकास पर घमासान, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष को दिया जवाब

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लखनऊ, 12 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान गुरुवार को विकास कार्यों, बुनियादी ढांचे, निवेश और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का बिंदुवार जवाब देते हुए सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित किया और कहा कि प्रदेश सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्प पर दृढ़ है।

विपक्ष की ओर से सड़कों और आधारभूत संरचना को लेकर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश के सभी जिलों में रिकॉर्ड स्तर पर सड़क निर्माण और चौड़ीकरण का कार्य हुआ है।

उन्होंने दावा किया कि ग्रामीण और शहरी संपर्क मार्गों को मजबूत करने से आर्थिक गतिविधियों को गति मिली है और आमजन को सीधा लाभ पहुंचा है। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मौर्य ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति दोहराते हुए कहा कि किसी भी परियोजना में अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि यदि ठोस तथ्य प्रस्तुत किए जाएं तो सरकार जांच कराने के लिए तैयार है। रोजगार और निवेश के सवाल पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था और नीतिगत स्थिरता के कारण निवेश का माहौल बना है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। उन्होंने कहा कि विकास की इस रफ्तार से विपक्ष हताश दिखाई दे रहा है।

चर्चा के दौरान मौर्य ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास न तो कोई ठोस विजन है और न ही जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक सुझाव। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन का कीमती समय निराधार आरोपों में नष्ट करना विपक्ष की आदत बन गई है।

सदन की कार्यवाही के बाद मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में उपमुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश आने वाले समय में विकास के विभिन्न मानकों पर देश में अग्रणी राज्य के रूप में उभरेगा।