भोपाल, 13 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने कहा है कि विदिशा जिले के गरीब मजदूर परिवारों को बिजली विभाग द्वारा परेशान किया जा रहा है और उन पर चोरी का प्रकरण बनाकर जुर्माने की राशि जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने विदिशा जिले की सिरोंज तहसील के कई गांवों में मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी द्वारा गरीब मजदूर परिवारों के खिलाफ विद्युत चोरी के प्रकरण दर्ज कर उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत करने तथा अब लोक अदालत में उपस्थित होकर जुर्माने की राशि जमा करने के लिए दबाव बनाए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को अत्यंत अन्यायपूर्ण और अमानवीय बताया है। सिंह ने कहा कि सिरोंज तहसील के ग्राम बरखेड़ा ताल के 35 परिवारों, ग्राम बनारसी के 10 परिवारों, ग्राम इमलानी के 30 परिवारों, ग्राम मुंडरा बागल के 30 परिवारों तथा ग्राम देहरी के 35 गरीब मजदूर वर्ग के परिवारों के पास वर्षों से एक-बत्ती कनेक्शन रहे हैं। समय के साथ इन परिवारों का विस्तार हुआ, लेकिन सरकार द्वारा पूर्व में दिए गए इन्हीं एक-बत्ती कनेक्शनों का उपयोग ये परिवार करते रहे। इन लोगों ने कई बार अलग-अलग कनेक्शन देने के लिए आवेदन भी किए, किंतु उनकी मांगों को अनसुना कर दिया गया। अब उन्हीं परिवारों के खिलाफ विद्युत चोरी के प्रकरण दर्ज कर उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं और पांच से सात हजार तक का जुर्माना वसूलने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि लोगों द्वारा बार-बार मांग करने के बावजूद उन्हें नए कनेक्शन उपलब्ध नहीं कराए गए और एक ही परिवार के सदस्य पुराने एक-बत्ती कनेक्शन का उपयोग कर बिजली का उपभोग कर रहे हैं, तो उनके खिलाफ विद्युत चोरी के प्रकरण दर्ज करना और उन्हें न्यायालय में समझौते के लिए बाध्य करना पूर्णतः अन्यायपूर्ण है।
पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब किसान और मजदूर वर्ग अपनी फसल समेटने और कृषि कार्यों में व्यस्त हैं, तब बिजली विभाग उनके ऊपर हजारों रुपए का जुर्माना थोपकर उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान कर रहा है। इन गरीब परिवारों के सामने यह गंभीर संकट खड़ा हो गया है कि वे इतनी बड़ी राशि कहां से लाएं।
दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश सरकार और विद्युत वितरण कंपनी से मांग की है कि इस अन्यायपूर्ण कार्रवाई को तत्काल रोका जाए और गरीब मजदूर परिवारों को राहत दी जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की लापरवाही और मनमानी के कारण गरीबों को परेशान किया जा रहा है, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।

