‘विकसित भारत 2047’ का रोडमैप है बजट, युवाओं के सर्वांगीण उत्थान के लिए प्रतिबद्ध पीएम मोदी: पंकज चौधरी

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गोरखपुर, 18 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत ‘विकसित भारत बजट 2026-27’ केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि विकसित भारत 2047 का स्पष्ट रोडमैप है। उन्होंने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि सरकार की हर नीति और योजना में युवा केंद्र में हैं।

पंकज चौधरी ने गोरखपुर में भाजयुमो के ‘बजट पर संवाद कार्यक्रम’ को संबोधित करते हुए कहा कि देश की 65-68 प्रतिशत आबादी कार्यशील आयु वर्ग में है, जो भारत की जनशक्ति और विकास की ऊर्जा है। इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग के माध्यम से रोजगार के व्यापक अवसर सृजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे बजट के प्रावधानों को गहराई से समझकर सरल भाषा में जन-जन तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा, “जो वायु के वेग को बदल दे उसे युवा कहते हैं। जब युवा सोच बदलती है तो समय भी बदल जाता है।” उन्होंने बताया कि वर्ष 2014-15 में जहां बुनियादी ढांचे का बजट दो लाख करोड़ रुपए था, वहीं इसे बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपए किया गया है। सात नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर, जिनमें दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर शामिल हैं, से उत्तर प्रदेश को विशेष लाभ मिलेगा। पूर्व से पश्चिम तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के विस्तार से माल ढुलाई को गति मिलेगी। अगले पांच वर्षों में 20 नए जलमार्ग विकसित किए जाएंगे। टियर-2 और टियर-3 शहरों में सिटी इकोनॉमिक रीजन विकसित करने तथा पांच प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

पंकज चौधरी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद प्रस्तुत इस पहले बजट में रक्षा बजट को 15 प्रतिशत बढ़ाकर 7.85 लाख करोड़ रुपए किया गया है। इसमें 2.19 लाख करोड़ रुपए रक्षा अवसंरचना के लिए निर्धारित किए गए हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया और पीएलआई जैसी योजनाओं के माध्यम से सात रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। बायोफार्मा शक्ति परियोजना के लिए 10,000 करोड़ रुपए, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, 40,000 करोड़ रुपए की इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग योजना, रेयर अर्थ मेटल प्रोसेसिंग केंद्र, तीन केमिकल पार्क तथा कंटेनर निर्माण के लिए 20,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

एमएसएमई क्षेत्र के लिए 200 पुराने औद्योगिक समूहों के पुनरुद्धार और 10,000 करोड़ रुपए के एसएमई ग्रोथ फंड को उन्होंने रोजगार सृजन की दिशा में अहम कदम बताया। आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए तीन अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित किए जाएंगे। औद्योगिक नगरियों के समीप पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित की जाएंगी।

स्किल डेवलपमेंट मंत्रालय के बजट में 62 प्रतिशत वृद्धि तथा 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट लैब स्थापित करने की घोषणा को उन्होंने युवाओं के लिए नई दिशा बताया। प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल, ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए ‘शी-मार्ट’ और जीवन रक्षक दवाओं पर कस्टम ड्यूटी शून्य करने जैसे प्रावधानों का भी उन्होंने उल्लेख किया। कृषि क्षेत्र के लिए 1.62 लाख करोड़ रुपए तथा एआई आधारित भारत विस्तार योजना के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक सलाह उपलब्ध कराने की बात कही गई।

उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के 9.12 लाख करोड़ रुपए के बजट का जिक्र करते हुए कहा कि यह पिछले वर्ष से 12.9 प्रतिशत अधिक है। 20 प्रतिशत बजट इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए निर्धारित है और ग्रामीण विकास में 67 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। वर्ष 2016-17 में प्रदेश की अर्थव्यवस्था 13.3 लाख करोड़ रुपए थी, जो 2025-26 में बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये हो गई है। स्वयं का कर राजस्व 86 हजार करोड़ रुपए से बढ़कर 2.09 लाख करोड़ रुपए और निर्यात 46 हजार करोड़ रुपए से बढ़कर 1.86 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।