विकसित भारत का लक्ष्य महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी के बिना संभव नहीं, नारी शक्ति वंदन अधिनियम ऐतिहासिक: गीता कोड़ा

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रांची, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। भाजपा की झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के तहत महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने से उनकी राजनीतिक भागीदारी में ऐतिहासिक बढ़ोतरी होगी।

गीता कोड़ा ने रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि इस अधिनियम के नाम में ही इसका सार निहित है और यह महिलाओं को केवल लाभार्थी से आगे बढ़ाकर नेतृत्व की भूमिका में स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।

कोड़ा ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में महिलाओं को सम्मान और नेतृत्व के अवसर मिले हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी हमेशा से महिला सशक्तिकरण के पक्षधर रहे हैं।

पूर्व सांसद ने पिछले एक दशक की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि केंद्र सरकार की योजनाएं महिलाओं को सशक्त करने में मील का पत्थर साबित हुई हैं। करोड़ों महिलाओं को बैंकिंग, स्वरोजगार और बुनियादी सुविधाओं से जोड़ा गया है। जनधन योजना के तहत बड़ी संख्या में महिलाओं के बैंक खाते खोले गए, मुद्रा योजना में 69 प्रतिशत ऋण महिलाओं को मिला, जबकि 10 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं।

कोड़ा ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत 14.45 करोड़ घरों तक पेयजल पहुंचा है और उज्ज्वला योजना के जरिए 10 करोड़ से अधिक महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन मिला है। प्रधानमंत्री आवास योजना में भी 74 प्रतिशत से अधिक घरों का स्वामित्व महिलाओं को दिया गया है।

उन्होंने कहा कि पंचायत और निकाय चुनावों में महिलाओं ने अपनी क्षमता साबित की है। अब विधानसभा और संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने से वे नीति-निर्धारण में भी अहम भूमिका निभाएंगी, जिससे महिलाओं से जुड़े मुद्दों का समाधान और प्रभावी ढंग से हो सकेगा।

कोड़ा ने विपक्षी दलों से अपील की कि वे संसद के विशेष सत्र में इस अधिनियम का समर्थन करें, ताकि 2029 के बाद से महिलाओं की भागीदारी और मजबूत हो सके। उन्होंने इस अधिनियम के समर्थन के लिए एक नंबर भी जारी किया, जिस पर मिस्ड कॉल देकर लोग अपना समर्थन दर्ज करा सकते हैं।