बजट ‘विकसित भारत 2047’ की मजबूत नींव है : केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल

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नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया, जिस पर सत्तापक्ष और विपक्ष की ओर से मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आईं। जहां भाजपा और सरकार के मंत्रियों ने बजट को ‘विजनरी’ और ‘फ्यूचर रेडी’ बताया, वहीं विपक्ष ने इसे आम जनता की जरूरतों से दूर और राज्यों के साथ भेदभाव वाला करार दिया।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रिकॉर्ड नौवीं बार लगातार बजट पेश किया है, जो अपने आप में ऐतिहासिक है।

उन्होंने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को बधाई देते हुए कहा कि यह बजट भारत को ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य तक पहुंचाने की मजबूत नींव रखता है। अगर एक शब्द में बजट का वर्णन करना हो, तो इसे ‘फ्यूचर रेडी भारत’ का बजट कहा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि यह बजट बहुमुखी सुधारों के जरिए देश को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है और आजादी के बाद रिफॉर्म एक्सप्रेस अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रही है। उनके मुताबिक, अब तक 350 से अधिक सुधार किए जा चुके हैं और मौजूदा बजट कर्तव्य भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश देता है।

पीयूष गोयल ने कहा कि इस बजट से सबसे ज्यादा मजबूती मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मिली है। देश में नई फैक्ट्रियों की स्थापना, नए निवेश और अलग-अलग क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। पहली बार सरकार ने भारत में डाटा सेंटर स्थापित करने और वैश्विक स्तर पर क्लाउड सर्विस देने वाली विदेशी कंपनियों को वर्ष 2047 तक टैक्स में छूट देने का ऐतिहासिक फैसला लिया है, जिससे भारत को टेक्नोलॉजी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का वैश्विक हब बनाने में मदद मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बजट को विजनरी बताते हुए कहा कि वित्त मंत्री द्वारा पेश किया गया 2026-27 का बजट लंबे समय तक असर डालने वाला है। यह बजट आने वाले वर्षों में विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। बढ़ते शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए इस बजट में खास प्रावधान किए गए हैं। बड़े महानगरों के साथ-साथ टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास पर विशेष फोकस किया गया है।

मनोहर लाल ने बताया कि बजट में टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए अगले पांच वर्षों तक प्रत्येक शहर को लगभग 5 हजार करोड़ रुपए का फंड देने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही शहरी बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिससे इन शहरों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है और संतुलित शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।

दूसरी ओर, विपक्ष की ओर से बजट पर कड़ी आलोचना की गई। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की सांसद मीसा भारती ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि इस बार का बजट उनकी समझ से परे रहा। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई बार बजट को समझने की कोशिश की, लेकिन उन्हें इसमें आम जनता के लिए कोई ठोस फायदा नजर नहीं आया। इस बजट को समझने में न केवल उन्हें, बल्कि पूरे देश और विपक्ष को समय लगेगा।

मीसा भारती ने कहा कि वह बिहार से आती हैं, जहां एनडीए को हाल ही में प्रचंड जीत मिली है, लेकिन यह जीत जनता की नहीं, बल्कि तंत्र की देन है। बजट में बिहार का कोई खास जिक्र नहीं किया गया और राज्य को इससे कुछ भी हासिल नहीं हुआ। सरकार द्वारा किए गए वादे धरातल पर दिखाई नहीं देते हैं। यह बजट 2026 के लिए पेश किया गया है और जनता जानना चाहती है कि उन्हें आज क्या मिला। 2047 में क्या होगा और कौन रहेगा, यह कोई नहीं जानता, लेकिन लोगों को मौजूदा हालात में राहत की जरूरत है।