यादव सिंह प्रकरण: अंडरग्राउंड केबलिंग घोटाले में सीबीआई का शिकंजा, जांच के घेरे में तीन अधिकारी

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नोएडा, 11 फरवरी (आईएएनएस)। नोएडा प्राधिकरण में चर्चित यादव सिंह प्रकरण से जुड़े अंडरग्राउंड केबलिंग घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एक बार फिर शिकंजा कस दिया है।

सीबीआई जांच में नोएडा अथॉरिटी के तीन वरिष्ठ अधिकारी जांच के दायरे में आ गए हैं। इनमें आर.पी. सिंह (वर्तमान में महाप्रबंधक), निजामुद्दीन (वर्तमान में यूपीडा कानपुर में तैनात) और प्रमोद (वर्तमान में प्रबंधक, यमुना अथॉरिटी) शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, इन तीनों अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

मामला नोएडा में अंडरग्राउंड केबलिंग के कार्यों में कथित अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़ा है, जो पूर्व मुख्य अभियंता यादव सिंह के कार्यकाल के दौरान सामने आया था। इस घोटाले में पहले ही यादव सिंह सहित करीब 20 अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की जा चुकी है।

अब सीबीआई की ताजा कार्रवाई से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। इधर, नोएडा अथॉरिटी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) के निर्देश पर पूरे प्रकरण की आंतरिक जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है। इस जांच समिति के अध्यक्ष ओएसडी अशोक शर्मा को बनाया गया है।

समिति को पूरे मामले की समीक्षा कर जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर शासन स्तर से तीनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि इस मामले में तीनों अधिकारियों को कथित रूप से बचाने के आरोप भी समय-समय पर लगते रहे हैं। आरोप है कि गंभीर जांच के बावजूद उन्हें न केवल राहत मिली, बल्कि सेवा अवधि के दौरान प्रमोशन भी दिए गए।

अब सीबीआई की सक्रियता के बाद मामले में नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यदि आरोप पत्र दाखिल होता है, तो संबंधित अधिकारियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। शासन की ओर से सख्त रुख अपनाए जाने के संकेत मिल रहे हैं।