जम्मू, 30 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तराखंड में एक कश्मीरी शॉल विक्रेता पर हुए हमले पर जम्मू-कश्मीर के डिप्टी सीएम सुरिंदर कुमार चौधरी ने कहा कि यह इस देश का दुर्भाग्य है, यह कभी हमारी परंपरा नहीं रही है।
जम्मू में आईएएनएस से बातचीत में डिप्टी सीएम सुरिंदर कुमार चौधरी ने कहा कि कन्याकुमारी से कश्मीर तक, जब हम कहते हैं कि भारत एक है, तो इसका मतलब हमेशा यही रहा है कि अगर कोई कन्याकुमारी से कश्मीर या जम्मू में काम करने आता था, तो उसे कोई रोकता या सवाल नहीं करता था। भले ही आर्टिकल 370 था और कुछ प्रावधान थे, लेकिन कभी कोई पाबंदी नहीं थी। उसी तरीके से जम्मू का व्यक्ति देश के किसी कोने में जाकर काम करता था।
डिप्टी सीएम ने कहा कि कुछ वर्षों में देखा गया है कि जम्मू के छात्र हो या फिर व्यापारी उन्हें इस तरह के विरोध, हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। हिन्दुस्तान में रहने वाले हर आदमी को जीने का हक है। जम्मू का व्यक्ति देश के किसी भी कोने में जाकर काम कर सकता है, बस देशद्रोह का काम नहीं कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जो हुआ है उसे गंभीरता से मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने लिया है। हम पहले भी यह कहते थे कि किसी को काम करने के लिए नहीं रोकना चाहिए।
जम्मू में बजट सत्र को लेकर उप मुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी ने कहा कि सरकार लोगों की समस्याओं को लेकर चिंतित है, और जैसे हम लोगों के लिए चिंतित हैं, वैसे ही विधायक भी उतने ही चिंतित हैं। इसलिए, उनके सुझावों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आम लोगों, इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों, चैंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों, किसानों, दुकानदारों और दूसरे स्टेकहोल्डर्स से मुलाकात की है। इन मुलाकातों के आधार पर बजट पेश किया जाएगा। हमें उम्मीद है कि यह एक अच्छा बजट होगा।
केंद्रीय बजट को लेकर डिप्टी सीएम ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि एक अच्छा पैकेज जम्मू-कश्मीर को दिया जाए। कश्मीर ने पहलगाम, बाढ़ देखी है, जिससे टूरिज्म इंडस्ट्री को नुकसान हुआ। केंद्रीय बजट को जम्मू कश्मीर के लोग भी बहुत उम्मीद के साथ देख रहे हैं, अगर अच्छा पैकेज हमें मिलता है तो जम्मू कश्मीर खुशहाली के रास्ते पर चलेगा।

