ईरान में भारतीय मेडिकल छात्रों की सुरक्षा को लेकर आईवाईसी ने केंद्र को लिखा पत्र, तत्काल हस्तक्षेप की मांग

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नई दिल्ली, 3 दिसंबर (आईएएनएस)। इंडियन यूथ कांग्रेस (आईवाईसी) ने शनिवार को ईरान में भारतीय मेडिकल छात्रों की सुरक्षा के संबंध में भारत सरकार को पत्र लिखा है।

आईवाईसी ने पत्र में लिखा है कि ईरान के मेडिकल विश्वविद्यालयों में हजारों भारतीय छात्र पढ़ रहे हैं, लेकिन वहां की बदलती स्थिति के कारण वे चिंतित हैं। स्पष्ट संचार और दिखाई देने वाली तैयारी की कमी ने छात्रों और उनके परिवारों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

आईवाईसी ने भारत सरकार से वहां की स्थिति पर बारीकी से नजर रखने, भारतीय दूतावास के साथ समन्वय मजबूत करने, समय पर सलाह जारी करने और आपातकालीन और आकस्मिक व्यवस्थाओं को तैयार रखने का आग्रह किया है, जिसमें आवश्यकता पड़ने पर छात्रों की ईरान से निकासी भी शामिल है।

आईवाईसी ने विदेशों में भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर सर्वोच्च प्राथमिकता से ध्यान देने को कहा और बताया कि हम उनकी सुरक्षा और आश्वासन सुनिश्चित करने के लिए आपके तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हैं।

एक अन्य पत्र में भी आईवाईसी ने मौजूदा क्षेत्रीय अनिश्चितता के मद्देनजर ईरान में अपनी शिक्षा प्राप्त कर रहे भारतीय मेडिकल छात्रों की सुरक्षा और भलाई के संबंध में गंभीर चिंता व्यक्त की। छात्र और उनके परिवार भारतीय अधिकारियों से स्पष्ट संचार और आश्वासन चाहते हैं।

विदेशों में भारतीय छात्रों की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। कांग्रेस ने विदेशों में पढ़ रहे छात्रों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए आपके शीघ्र ध्यान और हस्तक्षेप की मांग की।

दरअसल ईरान में महंगाई और बेरोजगारी के विरोध में देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ प्रदर्शन जारी हैं। जेन जी प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प में कम से कम छह लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदर्शनों की शुरुआत 28 दिसंबर को तेहरान से हुई थी। इसके बाद ये अन्य शहरों में फैल गए। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के आसार नजर आ रहेहैं। ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान में छात्रों पर गोलियां चलाई गईं तो वह उनकी मदद को आएगा।