तेल अवीव, 31 दिसंबर (आईएएनएस)। गाजा संघर्ष के बीच इजरायल इन दिनों एक और समस्या से जूझ रहा है। ये दिक्कत घटती जनसंख्या है। इजरायल की जनसंख्या वृद्धि दर 2025 में 1 फीसदी से नीचे गिर गई है, जो देश के स्थापना काल से अब तक का सबसे निचला स्तर है।
स्टडी में कहा गया है कि देश के इतिहास में ग्रोथ रेट दो बार 1.5 फीसदी से नीचे गिरी है; दोनों बार 1980 के दशक की शुरुआत में ऐसा हुआ था। 1981 में देश की आबादी में 1.42 फीसदी और 1983 में 1.35 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई थी।
इजरायल के सामाजिक-आर्थिक संस्थान टॉब सेंटर की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष जनसंख्या में केवल 0.9 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। 1948 में इजरायल की स्थापना के बाद पहली बार ऐसा हुआ है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस गिरावट के मुख्य कारण जन्म दर में कमी, मृत्यु दर में वृद्धि और प्रवासन हैं। इजरायल की जनसंख्या सितंबर 2025 तक 10,148,000 पहुंच चुकी है, जो 1948 की तुलना में 12 गुना से अधिक है, लेकिन वृद्धि की गति अब धीमी हो गई है।
पहले जहां वार्षिक वृद्धि दर कम से कम 1.5 फीसदी रही थी, वहीं अब यह ओईसीडी देशों की औसत दर (लगभग 0.6 फीसदी) से भी करीब पहुंच रही है, हालांकि 2015 में यह 2.0 प्रतिशत थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव इजरायल की अर्थव्यवस्था, सामाजिक नीतियों और क्षेत्रीय संघर्षों से जुड़ा है।
सरकार ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि वे जन्म दर को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं लाएंगे, जैसे परिवार सहायता कार्यक्रम और आव्रजन सुविधाएं। हालांकि, विपक्ष ने इसे सरकार की नीतियों की विफलता बताया है।
यह विकास इजरायल के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि उच्च जनसंख्या वृद्धि, देश की पहचान का हिस्सा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस पर नजर रखी जा रही है, क्योंकि यह मध्य पूर्व की जनसांख्यिकीय गतिशीलता को प्रभावित कर सकता है।
टॉब रिपोर्ट में कहा गया है कि जन्म दर पश्चिमी देशों की तुलना में इजरायल में स्थिर रही है, जबकि मृत्यु दर धीरे-धीरे बढ़ रही है। डेमोग्राफर्स ने बताया कि 2024 में, 82,700 इजरायली देश छोड़कर चले गए और यह ट्रेंड 2025 में भी जारी रहा।

