नई दिल्ली, 6 जनवरी (आईएएनएस)। जेएनयू में पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी पर भाजपा नेताओं की ओर से कड़ी आलोचना की गई है। नई दिल्ली में भाजपा नेता जफर इस्लाम ने कहा कि ऐसी सोच का कड़ा विरोध होना चाहिए।
आईएएनएस से बातचीत में जफर इस्लाम ने कहा कि दिल्ली दंगा मामलों में सुप्रीम कोर्ट का फैसला बहुत साफ है कि देश को तोड़ने वाली सोच को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इस तरह का विरोध होता है तो साफ है कि जेएनयू में किस तरह की मानसिकता पनप रही है, जनता भी इसका विरोध कर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि चाहे कांग्रेस हो, समाजवादी पार्टी या अन्य सभी विपक्षी पार्टियां हों, ये तो कसाब के साथ भी खड़े थे। ये अफजल गुरु के साथ खड़े थे। सब जानते हैं कि इनकी सोच क्या है। यह सिर्फ वोट की राजनीति करते हैं और देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर सकते हैं।
एसआईआर को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरोध पर उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को हार का डर सता रहा है। फर्जी वोटरों के जरिए जीतने वाली ममता बनर्जी को डर लग रहा है कि अगर ये वोटर नहीं रहे तो कैसे जीतेंगी? ममता बनर्जी कितनी भी लड़ाई कर लें, एसआईआर होकर रहेगा और वोटर लिस्ट का शुद्धिकरण होगा।
वहीं भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने कहा कि जेएनयू में लगाए जा रहे नारे एक शहरी-नक्सलवाद विचारधारा के हैं, जिसे राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी सपोर्ट करती है। यह वही विचारधारा है जिसे बौद्धिक आतंकवाद में बदला जा रहा है। उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में कांग्रेस के नेता आए। जेएनयू में मोदी-अमित शाह के खिलाफ विवादित टिप्पणियां की गईं। कांग्रेस पार्टी इसका समर्थन कर रही है। इसीलिए चुनावों में बार-बार जनता कांग्रेस को विपक्ष में बैठाती है।
भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि देश विरोधी ताकतें कितनी भी कोशिश कर लें, भारत में भारतीयता और राष्ट्रवाद ही जीतेगा। जिन लोगों ने देश को टुकड़ों में बांटने की साजिश रची, खासकर जेएनयू से जुड़े कुछ तत्वों ने, उन्होंने ऐसी गतिविधियों में गंभीर भूमिका निभाई। सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम को किसी भी तरह की जमानत याचिका दायर करने पर एक साल का बैन लगा दिया, जो साफ दिखाता है कि देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को भारतीय कानून के तहत सजा जरूर मिलेगी।

