केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा का बयान उचित नहीं: उदित राज

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नई दिल्ली, 30 अगस्त (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस की नेता और सांसद महुआ मोइत्रा ने केंद्रीय गृहमंत्री के खिलाफ विवादित टिप्पणी की। इसे लेकर एक ओर जहां भाजपा मुखर है, वहीं इस बयान को इंडिया ब्लॉक का अहम घटक कांग्रेस भी सही नहीं मान रहा है। वरिष्ठ नेता उदितराज ने इसकी निंदा की है।

मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को लेकर पूछे गए सवाल पर रिएक्ट करते हुए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। भाषाई मर्यादा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसे लेकर ही आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा, “मोइत्रा का बयान गुस्से में दिया गया और यह उचित नहीं है।”

उन्होंने इसके साथ ही मोइत्रा का बचाव भी किया। बोले, “बंगाल के लोग, जो काम के लिए अन्य राज्यों में जाते हैं और हिंदी नहीं बोल पाते, उन्हें बांग्ला बोलने के कारण बांग्लादेशी या रोहिंग्या कहकर प्रताड़ित किया जाता है, जो एक कड़वी सच्चाई है।”

वहीं, दिल्ली में कालकाजी मंदिर के सेवादार की हत्या मामले में कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि यह पूरी तरह से गलत है और जिन लोगों ने ऐसा किया है उन्हें सजा मिलनी चाहिए और जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। ऐसे लोग गुंडे और अपराधी हैं और इनसे सख्ती से निपटा जाना चाहिए। मैं इस कृत्य की कड़ी निंदा करता हूं।

अमेरिकी टैरिफ को लेकर भी शोर मचा हुआ है। इस बीच अमेरिकी अदालत ने ट्रंप के टैरिफ वाले फैसले को गैर गैरकानूनी बताया है। इस आदेश पर उदित राज ने कहा कि यह अमेरिका का आंतरिक मामला है, लेकिन भारत में इस टैरिफ के कारण भारी हाहाकार मचा है, जिससे लगभग 20 लाख नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार को जवाब देना चाहिए, लेकिन वह जवाब देने में असमर्थ है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिका को उसके ही देश में स्पष्ट जवाब दिया था, जबकि वर्तमान सरकार न तो अमेरिका में और न ही भारत में ट्रंप को प्रत्यक्ष रूप से जवाब दे रही है।

बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की प्रमुख मायावती द्वारा अपने भतीजे आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त करने पर कांग्रेस नेता उदित राज ने तंज कसा। उन्होंने दावा किया कि मायावती ने आकाश आनंद को फिर से पार्टी में नंबर दो का स्थान दिया है, लेकिन अगर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से कोई इशारा या दबाव आया, तो उन्हें फिर से पार्टी से बाहर कर दिया जाएगा।