दीव, 6 जनवरी (आईएएनएस)। ‘खेलो इंडिया बीच गेम्स’ (केआईबीजी) के दूसरे सीजन की शुरुआत 5 जनवरी को हुई। 10 जनवरी तक इसमें देशभर के करीब 1,100 खिलाड़ी 8 अलग-अलग खेलों में हिस्सा लेने जा रहे हैं।
खेलो इंडिया बीच गेम्स 2026 में वॉलीबॉल, पेंचक सिलाट, ओपन वाटर स्विमिंग, मल्लखंब, फुटबॉल, सेपक टकरा, कबड्डी और रस्साकशी शामिल हैं। मल्लखंब और रस्साकशी के अलावा, सभी अन्य खेलों में 32 गोल्ड मेडल दांव पर लगे हैं।
दमन और दीव टीम के कबड्डी खिलाड़ी अमित तिवारी ने आईएएनएस से कहा, “हमारी टीम खेलो इंडिया बीच गेम्स में बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है। बीच में कबड्डी खेलना काफी चुनौतीपूर्ण रहता है। मैट पर कबड्डी खेलने में उतनी थकान नहीं होती, जितनी थकान बीच पर कबड्डी खेलते समय होती है, क्योंकि रेत में चलना और जंप करना मुश्किल होता है। हम मुश्किल से मुश्किल परिस्थिति में प्रैक्टिस करते हुए अपना प्रदर्शन निखारना चाहेंगे।”
दमन और दीव टीम के कबड्डी खिलाड़ी सौरव ठाकुर ने कहा, “बीच पर कबड्डी खेलना बहुत चुनौतीपूर्ण है। हम मेडल जीतने के लिए अपना शत प्रतिशत दे रहे हैं। मेडल जीतने के लिए हमने काफी मेहनत की है।”
दिल्ली के सेपक टाकरा राज्य खिलाड़ी संदीप कुमार ने कहा, “हम पिछले साल भी खेलो इंडिया बीच गेम्स खेलने आए थे। उस समय हमने 2 गोल्ड और एक सिल्वर जीता था। यहां का मौसम बेहद शानदार है। हम यहां दूसरी बार आए हैं। एक बार फिर पदक जीतकर जाएंगे। सेपक टाकरा एक इंडोर गेम है। बगैर जूतों के खेलना बहुत मुश्किल होता है, लेकिन हम इसकी आदत डाल रहे हैं। हमें इसे खेलते हुए बहुत मजा आता है।”
जूनियर विश्व कप 2023 के स्वर्ण पदक विजेता कबड्डी खिलाड़ी जय भगवान ने कहा, “मैं यहां दूसरी बार आया हूं। यहां का मैनेजमेंट बहुत शानदार है। बीच पर कबड्डी खेलते समय हमें चोट का डर नहीं रहता। हालांकि, इसमें प्रत्येक रेड डू-एंड-डाई की होती है, जिसमें स्टैमिना की बहुत जरूरत होती है। नई पीढ़ी को खेलो इंडिया के तहत काफी प्रेरित किया जा रहा है।”
मल्लखंब खिलाड़ी काव्या ने कहा, “हम यहां पहली बार आए हैं। स्कूल में हमारे पास काफी सुविधाएं हैं। हमें यहां आकर बहुत अच्छा लगा है। अगले साल हम अपने प्रदर्शन में निखार लाएंगे। सरकार ने हमें काफी सुविधाएं दी हैं।”

