मुंबई, 30 नवंबर (आईएएनएस)। अभिनेत्री शेफाली शाह ने अपने करियर में ऐसी कई फिल्मों में काम किया, जो दर्शकों के दिलों में घर कर गईं, फिर चाहे उनकी फिल्म ‘जूस,’ ‘जलसा,’ या फिर ‘थ्री ऑफ अस’ हो। इन्हीं में से उनकी फिल्म ‘मॉनसून वेडिंग,’ जिसमें रिया के किरदार ने तमाम महिलाओं की जिंदगी को बदल दिया था।
दरअसल, इस फिल्म में अभिनेत्री शेफाली शाह ने रिया वर्मा का किरदार निभाया था, जो बचपन में यौन शोषण का शिकार हुई थी। फिल्म को याद करते हुए अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा, “फिल्म ‘मॉनसून वेडिंग’ की शूटिंग के समय सारे कलाकार और क्रू एक बड़े परिवार की तरह थे। हम लोग सुबह साथ मेंयोगा और नाश्ता करते थे और बाद में नसीरुद्दीन शाह के साथ एक्टिंग वर्कशॉप होती थी। दोपहर में डायरेक्टर मीरा नायर अलग-अलग सीन पर काम करवाती थीं।
मीरा नायर द्वारा निर्देशित इस फिल्म को इटली के वेनिस फिल्म फेस्टिवल में गोल्डन लॉयन अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। मीरा नायर ये सम्मान पाने वाली सत्यजीत रे के बाद दूसरी भारतीय बनी थीं।
फिल्म को लेकर अभिनेत्री ने लिखा कि जब वे इस फिल्म की शूटिंग कर रही थीं, तो उन्हें नहीं पता था कि यह फिल्म वेनिस फिल्म फेस्टिवल में गोल्डन लॉयन अवॉर्ड जीतेगी और उनका किरदार ‘रिया’ लाखों लोगों की आवाज बनेगी।
अभिनेत्री शेफाली ने बताया, “रिया एक ऐसी लड़की थी, जिसने अपने साथ हुए गलत के लिए खुद को दोषी नहीं माना, बल्कि, वह शर्म और अपराध को त्यागकर गुनहगार को जवाबदेह ठहराती है। यही बात कई चुप्पी साधे बैठी महिलाओं को हिम्मत दे गई।”
अभिनेत्री ने लिखा, “मुझे नहीं पता कितनी महिलाओं को रिया से हिम्मत मिली, पर मैं जानती हूं कि यह किरदार उन तमाम महिलाओं की कहानियों को दर्शाता है जिन्हें मैं जानती थी या नहीं।
शेफाली ने दिल्ली का एक किस्सा शेयर करते हुए बताया, “दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान मेरी मुलाकात एक बुजुर्ग दंपती से हुई थी। वहां पर पति ने मेरी तारीफ की और पत्नी चुपचाप उनका हाथ पकड़े खड़ी थी। जाने से पहले पति ने मुझसे कहा, ‘इन्होंने भी वही दर्द झेला है जो रिया ने झेला था। आपकी वजह से इन्हें सालों बाद अपनी बात कहने की हिम्मत मिली।’
शेफाली लिखती हैं, “मैं अक्सर सोचा करती थी कि मैं न तो डॉक्टर, वकील और न ही वैज्ञानिक हूं। मैं ऐसा क्या कर रही हूं जो समाज में नया बदलाव लेकर आए, लेकिन उस दिन मुझे पता चला कि एक किरदार भी आम इंसान की जिंदगी बदल सकता है।”





