मुर्शिदाबाद, 30 नवंबर (आईएएनएस)। मुर्शिदाबाद में टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर ने ‘बाबरी मस्जिद’ बनाने का ऐलान किया है। इसको लेकर देश में जमकर राजनीति हो रही है और तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। भाजपा और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े लोगों ने मस्जिद का नाम ‘बाबरी’ रखने पर कड़ा एतराज जताया है। हालांकि हुमायूं कबीर का कहना है कि मस्जिद की नींव 6 दिसंबर को रखी जाएगी।
मुर्शिदाबाद में टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर ने मस्जिद बनाने का ऐलान किया है। उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि बाबरी मस्जिद की नींव 6 दिसंबर को रखी जाएगी। कोई क्या बयान दे रहा है, इस पर ध्यान नहीं देना है। जगह को लेकर कोई विवाद नहीं है। हम कई जगहों की तलाश कर रहे हैं, जहां ठीक होगा, हम वहीं मस्जिद बनाएंगे।
उन्होंने कहा कि यदि उनके पास एक से अधिक राम मंदिर हो सकते हैं तो हम एक से अधिक मस्जिद बना सकते हैं।
6 दिसंबर को मस्जिद की नींव रखे जाने को लेकर जब हुमायूं कबीर से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद का ढांचा तोड़ा गया था। कारसेवकों ने इस ढांचे को तोड़ा था। ऐसे में 6 दिसंबर महत्वपूर्ण है। कुरान के लिहाज से भी यह दिन बहुत महत्वपूर्ण है।
अयोध्या में मस्जिद न बनाकर मुर्शिदाबाद में मस्जिद बनाने को लेकर हुमायूं कबीर का कहना है कि किसी ने मना नहीं किया है। अपनी जमीन पर कोई भी मंदिर या मस्जिद बना सकता है। संविधान में इस पर रोक नहीं है।
हुमायूं कबीर के बाबरी मस्जिद बनाने के ऐलान पर तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जय प्रकाश मजूमदार ने कहा कि यह हुमायूं कबीर का निजी मामला है। पश्चिम बंगाल की राजनीति या तृणमूल कांग्रेस से इसका कोई लेना-देना नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि हुमायूं कबीर एक विधायक से ज्यादा कुछ नहीं हैं, जिन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के नाम और सिंबल का इस्तेमाल करके चुनाव जीता है। वह जो कुछ भी कह रहे हैं या जो भी प्लान बना रहे हैं, उसका न तो पश्चिम बंगाल की राजनीति से कोई संबंध है और न ही तृणमूल कांग्रेस से कोई लेना-देना है।




