नई दिल्ली, 20 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के पदभार संभालने और धार्मिक स्थलों के दौरे के बाद विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने नितिन नबीन को बधाई देते हुए कहा, “मेरी शुभकामनाएं हैं, लेकिन आज जो सिर झुकते हुए दिखाई दे रहे हैं, वे सिर्फ सद्भावना और आशीर्वाद पाने के लिए हैं। बिहार चुनाव के समय उन्होंने सही जगह सिर झुकाया था।”
इसके साथ ही उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने यह साबित कर दिया है कि वहां इलेक्शन नहीं, बल्कि सलेक्शन होता है। चयन पहले ही हो चुका था। अटल-आडवाणी का दौर और भाजपा की वह संस्कृति, जहां परंपरा हुआ करती थी, अब खत्म हो चुकी है।
कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने नितिन नबीन को शुभकामनाएं देते हुए उनके साथ पुराने कामकाजी अनुभव को याद किया।
मनोज कुमार ने कहा, “जब वह बिहार सरकार में मंत्री थे, तब कैमूर जिले के प्रभारी भी थे। वह हमारे संसदीय क्षेत्र में आते हैं, इसलिए उनका वहां आना-जाना लगा रहता था। हमने कई बार जिला स्तर की संयुक्त बैठकों में साथ काम किया है। मैं उन्हें अपनी शुभकामनाएं देता हूं।”
मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने भाजपा पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, “भाजपा दावा करती है कि वहां चुनाव और लोकतंत्र है, लेकिन नितिन नबीन की नियुक्ति देखकर साफ है कि यह चुनाव नहीं, बल्कि चयन है। भाजपा में जिसे पार्टी चाहती है, वही अध्यक्ष बनता है।”
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा अन्य दलों पर परिवारवाद के आरोप लगाती है, लेकिन खुद पार्टी के अंदर ‘कठपुतलियां’ बनाई गई हैं। अगर दो-तीन लोग भी नितिन नबीन के खिलाफ नामांकन करते और देशभर के कार्यकर्ता उनका समर्थन करते, तब हम लोकतंत्र और चुनाव की बात करते। यहां तो फैसला ऊपर से थोप दिया गया है।
वहीं, पटना में राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने अपेक्षाकृत संतुलित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “यह भाजपा का आंतरिक मामला है, लेकिन आज से भाजपा में ‘नबीन युग’ की शुरुआत हो रही है। नितिन नबीन बिहार से आते हैं, हम उन्हें बधाई और शुभकामनाएं देते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा, “हम आशा करते हैं कि वह बिहार की जनता के हित में और देश के भले के लिए काम करेंगे।”

