बेंगलुरु, 20 जनवरी (आईएएनएस)। कर्नाटक के डीजीपी रामचंद्र राव को ऑफिस में महिला के साथ एक वीडियो सामने आने के बाद सस्पेंड कर दिया गया है।वीडियो में डीजीपी के. रामचंद्र राव महिला संग आपत्तिजनक स्थिति में दिख रहे हैं। सीनियर आईपीएस अधिकारी को राज्य सरकार की इजाजत के बिना हेडक्वार्टर न छोड़ने का भी निर्देश दिया गया है।
मंगलवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार ने मामले की जांच होने तक उन्हें सस्पेंड कर दिया।
आदेश में कहा गया है, “न्यूज चैनलों और मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़े पैमाने पर प्रसारित वीडियो और न्यूज रिपोर्ट से यह देखा गया है कि रामचंद्र राव ने एक अश्लील तरीके से व्यवहार किया है। राज्य सरकार ने मामले की जांच की है और वह इस बात से संतुष्ट है कि उक्त अधिकारी का आचरण अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम के नियम 3 का उल्लंघन है और राज्य सरकार प्रथम दृष्टया संतुष्ट है कि जांच लंबित रहने तक डीजीपी रामचंद्र राव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करना आवश्यक है।”
इससे पहले जेल में बंद एक्ट्रेस रान्या राव के सौतेले पिता और कर्नाटक के डीजीपी के. रामचंद्र राव का वर्दी में अपने ऑफिस में एक महिला के साथ आपत्तिजनक व्यवहार करते हुए कथित वीडियो सोमवार को वायरल हो गया था।
इन वीडियो में कथित तौर पर रामचंद्र राव अपने सरकारी चैंबर में एक महिला के साथ आपत्तिजनक हरकतें करते हुए दिख रहे हैं।
एक क्लिप में, वह अपने ऑफिस में यूनिफॉर्म पहने हुए महिला को किस करते हुए दिख रहे हैं। दूसरे वीडियो में, वह अपने ऑफिस में सूट पहने हुए हैं और अपने चैंबर में लगे भारतीय झंडे और पुलिस डिपार्टमेंट के प्रतीक चिन्ह के सामने वैसी ही हरकतें करते हुए दिख रहे हैं। महिला भी उनके साथ सहयोग करती हुई दिख रही है।
बेंगलुरु में सोमवार को मीडिया से बात करते हुए रामचंद्र राव ने कहा, “ये एडिट किए हुए वीडियो हैं। ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। मैं इस मामले पर अपने वकील से बात करूंगा और इस बारे में फैसला लूंगा।”
इससे पहले कर्नाटक सरकार ने मार्च 2025 में सोने की तस्करी के मामले में रामचंद्र राव को अनिवार्य छुट्टी पर भेज दिया था। उन्हें हाल ही में वापस काम पर लिया गया था।
उन पर रान्या राव के साथ मिलकर सोने की तस्करी करने का आरोप है। सरकार ने इस संबंध में राव के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे और रिपोर्ट मांगी थी।
रान्या राव को सोने की तस्करी करने और अपने सौतेले पिताके नाम का गलत इस्तेमाल करके अधिकारियों के लिए आरक्षित प्रोटोकॉल का फायदा उठाकर सुरक्षा जांच से बचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

