पश्चिम बंगाल में एसआईआर को पूरा होने में लगेंगे दो साल: देब चटोपाध्याय

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कोलकाता, 10 नवंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार में कृषि मंत्री देब चटोपाध्याय ने सोमवार को मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार यह दावा कर रही है कि हम पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को तय निर्धारित प्रक्रिया और तय समय तक हर हाल में दो महीने में संपन्न कराकर रहेंगे। लेकिन, प्रदेश की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए मुझे यह दावा करने में कोई गुरेज नहीं है कि एसआईआर की प्रक्रिया को संपन्न कराने में एक या दो महीने नहीं, बल्कि पूरे दो साल लगेंगे। वजह यह है कि केंद्र सरकार इस संबंध में अभी तक कोई ठोस पैमाना या मानक स्थापित नहीं किया है, जिससे यह तय किया जा सके कि प्रदेश में किस आधार पर एसआईआर की प्रक्रिया को संपन्न किया जाएगा। ये लोग सिर्फ बेबुनियादी बातें कर रहे हैं। मैं समझता हूं कि इस स्थिति को मौजूदा समय में किसी भी कीमत पर बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

कृषि मंत्री ने कहा कि जिस प्रणली के तहत केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू कर रही है, उसे देखते हुए तो मैं यही कहूंगा कि यह एक तरह का मजाक हो रहा है। प्रदेश के लोगों के हितों के साथ पूरी तरह से खिलवाड़ किया जा रहा है। मेरा सीधा-सा सवाल है कि क्या इन लोगों को यह नहीं पता है कि एसआईआर के तहत फॉर्म भरवाने में, फिर लोगों को चिन्हित करने में, इसके बाद बाकी के दस्तावेजी प्रक्रिया को संपन्न करान में कितना समय लगेगा। लेकिन, अफसोस ये लोग इस बात को समझने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अब ये लोग कह रहे हैं कि हम दो महीने में एसआईआर को संपन्न करा देंगे। क्या इन लोगों को यह बात समझ में नहीं आ रही है कि एसआईआर की प्रक्रिया के तहत इन्हें हर घर में जाना होगा और हर लोगों से मुखातिब होना होगा?

उन्होंने कहा कि मैं एसआईआर की आड़ में केंद्र सरकार की मंशा समझ रहा हूं। लेकिन, एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि आप लोगों की मंशा बिल्कुल भी धरातल पर उतरने वाली नहीं है।