पटना में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा की मौत पर भड़का कांग्रेस, राजधानी में किया प्रदर्शन

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पटना, 19 जनवरी (आईएएनएस)। बिहार की राजधानी पटना में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की मौत को लेकर कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को पटना में प्रदर्शन कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। पटना के इनकम टैक्स गोलंबर पर बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता सड़कों पर उतरे और प्रदर्शन किया।

विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावारू ने कहा कि एनडीए सरकार में प्रत्येक राज्य में महिलाओं और बच्चियों की स्थिति बदतर है। छात्राओं की सुरक्षा के दृष्टिकोण से हमेशा भय का माहौल बना रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की भाजपा-जदयू सरकार ने अपराधियों को संरक्षण दे रखा है और किसी भी बड़े वीभत्स कांड के बाद पुलिस प्रशासन को नियंत्रित कर कार्रवाई की रफ्तार प्रभावित करती है। राज्य में महिलाओं की सुरक्षा के प्रति कांग्रेस गंभीर है और हम बच्ची को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर लगातार जहानाबाद से लेकर पटना तक आंदोलित हैं।

उन्होंने कहा कि एनडीए शासन में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए निजी छात्रावासों में रहने वाली बच्चियां राजधानी तक में सुरक्षित नहीं हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि राजधानी पटना के पॉश इलाके में इतनी बड़ी घटना हो जाती है और एनडीए शासन की पुलिस अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी तक नहीं कर पाई। उन्होंने हॉस्टल संचालक अग्रवाल दंपत्ति और उनके बेटे की गिरफ्तारी नहीं होने पर भी सरकार से जवाब मांगा।

उन्होंने कहा कि इस मामले में अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर ने साक्ष्य मिटाने और आपराधिक छेड़छाड़ की कोशिश की, फिर भी उसमें शामिल लोगों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। विधान परिषद में दल के नेता मदन मोहन झा ने सवालिया लहजे में कहा कि बिहार सरकार आखिर पूरे मामले की जांच धीमी क्यों चला रही है या फिर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है?

उन्होंने कहा कि आरोपियों को साक्ष्य मिटाने और मामले को मैनेज करने का समय दिया जा रहा है, तो यह प्रदेश में व्याप्त कानून-व्यवस्था की सच्ची तस्वीर बयां करता है। विरोध प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला भी फूंका।

उल्लेखनीय है कि पटना के चित्रगुप्त नगर इलाके में शंभू गर्ल्स हॉस्टल में जहानाबाद जिले की एक छात्रा, जो नीट की तैयारी कर रही थी, अपने कमरे में बेहोश पाई गई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया कि उसके साथ यौन उत्पीड़न हुआ था। हालांकि, पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक स्पष्ट सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए शुरू में इस आरोप को मानने से इनकार कर दिया था। इसके बाद यह मामला गर्म हो गया।