पीएम मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी पर भड़के अमित शाह, कहा- राहुल को माफी मांगनी चाहिए

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असम, 29 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार में विपक्षी गठबंधन के एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपमानजनक टिप्पणी करने को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी में जरा भी शर्म बची है, तो उन्हें इसके लिए पीएम मोदी और देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। अमित शाह ने राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ को ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा’ बताया।

गृह मंत्री अमित शाह ने असम में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जिस प्रकार से घृणा और तिरस्कार की नकारात्मक राजनीति की शुरुआत की है, उसका एक निम्न स्तर का प्रदर्शन उनकी ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा’ में देखने को मिला। बिहार में उन्होंने जो ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा’ निकाली है, उसमें राहुल गांधी के स्वागत मंच से पीएम मोदी की माता जी के लिए अपशब्द बोलकर कांग्रेस पार्टी ने सबसे घृणित काम किया है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मां के खिलाफ इस्तेमाल किए गए अपशब्दों की निंदा करता हूं। मैं पूरे देश की जनता से भी कहना चाहता हूं कि जिस प्रकार से राहुल गांधी ने घृणा, नकारात्मक और मुद्दाविहीन राजनीति की शुरुआत की है, वो हमारे सार्वजनिक जीवन को ऊंचाई नहीं देगी।

उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी, सोनिया गांधी, मणिशंकर अय्यर समेत कई नेताओं ने पीएम मोदी के लिए अपशब्द कहे। इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल करके क्या आपको जनादेश प्राप्त होगा? मैं आज कांग्रेस के नेताओं से कहना चाहता हूं कि जितना ज्यादा पीएम मोदी के लिए अपशब्द कहेंगे, कमल का फूल उतना ही ज्यादा खिलेगा। हर चुनाव में आपने प्रयास करके देखा है, फिर भी कुछ सीखना नहीं चाहते हैं। हर चुनाव में अपशब्द कहते हैं और मुंह की खाते हैं। इसके बाद विजय को झूठलाने के लिए ये लोग ‘घुसपैठिए बचाओ यात्रा’ लेकर निकले हैं। ये यात्रा (वोटर अधिकार यात्रा) सिर्फ घुसपैठियों को बचाने के लिए निकाली जा रही है।

बता दें कि बिहार के दरभंगा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने मंच से प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालांकि, उस समय राहुल गांधी और तेजस्वी यादव मौजूद नहीं थे, लेकिन इस घटना पर सभी राजनीतिक दलों और नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है।