बेंगलुरु, 7 जनवरी (आईएएनएस)। कर्नाटक पुलिस द्वारा एक महिला भाजपा कार्यकर्ता के साथ कथित मारपीट और कपड़े उतरवाने के मामले पर कर्नाटक राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष नागलक्ष्मी चौधरी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उस महिला के लिए कपड़ों की व्यवस्था की थी और संबंधित भाजपा कार्यकर्ता पर पहले से कई मामले दर्ज हैं।
बुधवार को बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि महिला के खिलाफ एक शिकायत दर्ज थी और पुलिस उसे गिरफ्तार करने गई थी। उस पर कई केस चल रहे हैं। जब उसे पुलिस की गाड़ी में ले जाया जा रहा था, तो उसने खुद अपने कपड़े उतार दिए। उसके साथ उसकी मां और भाई भी थे, और उसके भाई ने यह घटना रिकॉर्ड की। वीडियो देखने पर साफ दिखाई देता है कि वहां केवल महिला पुलिस अधिकारी मौजूद थीं।
उन्होंने आगे कहा कि पुलिस ने महिला के लिए कपड़े का इंतजाम किया और बाद में उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मैंने हुबली के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस से बात की है। बिना तथ्यों की पुष्टि किए हम कोई टिप्पणी नहीं कर सकते। अगर पुलिस ने कोई गलती की है, तो हम कार्रवाई की सिफारिश करेंगे। पुलिस के अनुसार, महिला ने खुद कपड़े उतारे और बाद में वीडियो वायरल किया गया।
उन्होंने कहा, “मैं इस घटना पर एक विस्तृत रिपोर्ट मांगने के लिए पुलिस सुपरिटेंडेंट को लिखूंगी, क्योंकि यह घटना गंभीर है।”
उन्होंने आगे कहा कि पुलिस या पीड़ित की भूमिका जाने बिना कोई टिप्पणी करना गलत होगा। मैं पूरी जांच की मांग करूंगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें सजा मिलनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि पुलिस का कहना है कि वीडियो में ऐसा कोई दृश्य नहीं है, जिसमें पुलिस महिला के कपड़े उतारती दिखे। पुलिस के अनुसार महिला ने पहले वाहन में बैठने से पहले कपड़े ढीले किए और फिर गाड़ी के अंदर कपड़े उतारे।
गौरतलब है कि कर्नाटक के हुबली शहर में पुलिस द्वारा एक महिला भाजपा कार्यकर्ता के साथ कथित मारपीट और कपड़े उतारने की घटना सामने आई है। यह घटना कथित रूप से वोटर लिस्ट रिवीजन से जुड़े विवाद के कारण हुई। बुधवार को इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया और लोग बेहद चिंतित दिखे।
वीडियो में कथित रूप से कुछ पुरुष पुलिसकर्मी महिला के साथ मारपीट करते और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं।
यह घटना हुबली के केशवापुर पुलिस स्टेशन के इलाके में हुई। सूत्रों के अनुसार, भाजपा कार्यकर्ता सुजाता हांडी के खिलाफ हुबली-धारवाड़ की कांग्रेस पार्षद सुवर्णा कल्लकुंटला ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद उन्हें बेरहमी से पीटा गया।
आरोप है कि सुजाता हांडी को वोटर लिस्ट रिवीजन के दौरान वोटर मैपिंग करने के बाद निशाना बनाया गया। बताया जा रहा है कि इससे नाराज होकर पार्षद ने कथित रूप से केशवापुर पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के दौरान कथित तौर पर विवाद तब हुआ जब सुजाता हांडी इस प्रक्रिया में चुनाव अधिकारियों के साथ थीं। कांग्रेस पार्षद और उनके समर्थक रिवीजन के दौरान एक पुराने मामले का हवाला देते हुए हंगामा करने लगे।
शिकायत करने वाली पार्षद सुवर्णा कल्लाकुंटला ने आरोप लगाया कि सुजाता ने एसआईआर-बीएलओ अधिकारियों को बुलाकर वोटरों के नाम हटवा दिए। इससे पहले भी इसी आरोप को लेकर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हो चुकी थीं।

