अमृतसर, 31 अगस्त (आईएएनएस)। गुरु नगरी श्री अमृतसर साहिब में आम आदमी पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कैबिनेट मंत्री सरदार भजन सिंह ईटीओ, विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल और अन्य नेताओं के साथ मीडिया को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से लगातार बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में आए फ्लैश फ्लड्स के कारण पंजाब को तबाही का सामना करना पड़ रहा है।
अमन अरोड़ा ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब सरकार पहले दिन से ही राहत कार्यों में जुटी है। प्रशासन, पुलिस और विभिन्न संस्थाएं लोगों की मदद के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार को घेरा और आरोप लगाया कि भाजपा नीत केंद्र सरकार पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।
उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद पंजाब को लगभग 50 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। पिछले तीन सालों का 8 हजार करोड़ रुपए मुआवजा भी केंद्र सरकार ने रोक रखा है। यहां तक कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत मिलने वाले 828 करोड़ रुपए भी रद्द कर दिए गए हैं।
अरोड़ा ने कहा कि आज जब पंजाब के हजार से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं, लाखों एकड़ कृषि भूमि बर्बाद हो चुकी है, लोगों के घर नष्ट हो रहे हैं, तब भी केंद्र सरकार की ओर से एक सहानुभूति भरा बयान तक सामने नहीं आया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र की ओर से प्रति एकड़ सिर्फ 6800 रुपए मुआवजा दिया जा रहा है, जो किसानों के नुकसान की तुलना में ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ जैसा है। इस राशि को कम से कम तीन गुना करने की आवश्यकता है। घरों के नुकसान, जनहानि और अन्य सभी मुआवजे की राशि भी दोगुनी की जानी चाहिए।
अरोड़ा ने दावा किया कि पंजाब ने हमेशा देश के लिए लड़ाई लड़ी है, चाहे आजादी की लड़ाई हो या ग्रीन रिवोल्यूशन, लेकिन आज जब पंजाब पर प्राकृतिक आपदा आई है, केंद्र सरकार चुप है। उन्होंने मांग की कि इस स्थिति को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए और पंजाब को वही स्तर की सहायता दी जाए जो अन्य राज्यों को दी जाती है।