चंडीगढ़, 30 अगस्त (आईएएनएस)। पंजाब सरकार ने बाजार की जरूरत को पहचानकर एक नया व्यवसाय स्थापित करने और राज्य के युवाओं को वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा करने लायक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पंजाब के सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में उद्यमिता (एंट्रेप्रेन्योरशिप) को मुख्य विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा। पंजाब ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
इस नई पहल की शुरुआत शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस और आम आदमी पार्टी (आप) के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने शनिवार को की। दोनों ने नए कोर्स को औपचारिक रूप से लॉन्च किया। इस मौके पर उनका कहना है कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए उद्यमिता कोर्स को शुरू किया गया है।
नए कोर्स के तहत छात्रों को टीम बनाकर बिजनेस आइडियाज और उनके प्रोटोटाइप तैयार करने होंगे। इस विषय में पारंपरिक परीक्षा का बोझ नहीं होगा। छात्रों को उनके प्रोजेक्ट्स और प्रैक्टिकल कार्यों के आधार पर अंक दिए जाएंगे।
इसका मकसद बच्चों में उद्यमशीलता की भावना विकसित करना और उन्हें व्यवहारिक ज्ञान देना है, ताकि वे भविष्य में नौकरी मांगने वाले की बजाय नौकरी देने वाले बन सकें।
शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने बताया कि यह सिलेबस पंजाब के सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में लागू होगा। उन्होंने कहा कि उद्यमिता को शिक्षा का हिस्सा बनाकर राज्य सरकार बच्चों को आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करना चाहती है।
मनीष सिसोदिया ने इसे आम आदमी पार्टी सरकार की दूरदर्शी सोच करार दिया। उन्होंने कहा कि यह कदम पंजाब को शिक्षा के क्षेत्र में मॉडल राज्य बना सकता है। इस पहल से छात्रों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास आएगा।
सिसोदिया ने कहा कि इस कोर्स के माध्यम से युवा बाजार की जरूरतों को समझकर अपने बिजनेस प्लान बना सकेंगे। कोर्स में स्टार्टअप शुरू करने की बारीकियां, मार्केट रिसर्च और प्रोडक्ट डेवलपमेंट जैसे विषय शामिल होंगे। सरकार का दावा है कि यह कदम पंजाब के युवाओं को वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा करने लायक बनाएगा।
शिक्षाविदों और अभिभावकों ने इस कदम का स्वागत किया है। उनका मानना है कि यह बदलाव छात्रों को किताबी ज्ञान से आगे बढ़ाकर उन्हें वास्तविक जीवन के लिए तैयार करेगा। पंजाब सरकार ने इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण देने की भी योजना बनाई है।