RNTU में शोध शिखर समापन : रिसर्च, इनोवेशन और स्टार्टअप को साथ में चलना चाहिए – डॉ सिद्धार्थ चतुर्वेदी

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भोपाल : 4 मई/ रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय व सहयोगी संस्थाओं द्वारा अंतर्राष्ट्रीय शोध और नवाचार सम्मेलन शोध शिखर 2024 का समापन हुआ। समिट का विषय ‘‘विकसित भारत-नया भारत’’ था। इस वर्ष रिसर्च पेपर ‘अनुशोधन’ और रिसर्च प्रोजेक्ट ‘नवनिर्माणी’ प्रतियोगिता का आयोजन संपन्न हुआ।

थीम इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी में पहला स्थान गणपत विश्वविद्यालय गुजरात को बेस्ट रिसर्च पेपर अवार्ड देवर्षि पटेल, कटिंग एज मशीन लर्निंग मॉडल फार क्राउड सर्विलांस यूजिंग वायओएलओ वी 8, द्वितीय स्थान पर अभिषेक गुप्ता सीएमबीटी रिसर्च एंड ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट भोपाल, प्रोसेसिंग आफ इंस्टेंट डेफिनेशन टी बैग एंड इट्स इंर्पोटेंस इन अवर डेली लाइफ इन डिफरेंट कॉन्टेक्स्ट को दिया गया।

थीम एग्रीकल्चर और एलाइड साइंस में गणपत विश्वविद्यालय गुजरात के ऐश्वर्य विचारे को पहला स्थान मिला। इनका टाइटल एग्री एक्सपोर्ट डिजिटल डैशबोर्ड था। वही दूसरा स्थान आरएनटीयू की सुरभि शर्मा को मिला जिनका टाइटल इंपैक्ट आफ ऑर्गेनिक न्यूट्रिशन मैनेजमेंट आन क्वालिटी ऑफ़ वेजिटेबल्स एंड ह्यूमन हेल्थ था।

थीम कंटेंपरेरी साइंस एंड टेक्नोलॉजी में पहला स्थान आरएनटीयू की शिखा चंदा को मिला। जिनका टाइटल कंटेंपरेरी साइंस एंड टेक्नोलॉजी एंड एजुकेशन: अ कंप्रिहेंसिव था। वही दूसरा स्थान भी आरएनटीयू की श्री कुट्टी एस को मिला जिनका टाइटल लेटेंट फिंगरप्रिंट डेवलपमेंट यूजिंग वेरियस कॉस्ट-इफेक्टिव एस पाउडर्स था।

थीम एनवायरमेंटल सस्टेनेबिलिटी में पहला स्थान आरएनटीयू के भोला नाथ समनथा को मिला। जिनका टाइटल एनवायरमेंटल एजुकेशन एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट: एसेसिंग दी रोल ऑफ़ स्कूल्स इन क्रिएटिंग इको-लिटरेट सिटीजंस, वहीं दूसरा स्थान मध्यांचल प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी भोपाल के प्रवीण कुमार श्रीवास्तव को मिला। जिनका टाइटल वॉटर क्वालिटी इंडेक्सिंग आफ बेतवा रिवर विद रेफरेंस टू कॉन्टेमिनेशन फ्रॉम कलियासोत रिवर था।

थीम इकोनामिक डेवलपमेंट में पहला स्थान गणपत यूनिवर्सिटी गुजरात के सूरज शाह को मिला। जिनका टाइटल ऐन एंपेरियल स्टडी टू मेजर इंपैक्ट ऑफ़ इनफ्लुएंसर बेस्ड मार्केटिंग ओन कंज्यूमर बिहेवियर था। वहीं दूसरा स्थान आरएनटीयू के दिपांकर नरेन को मिला। जिनका टाइटल दी इंटरप्ले आफ स्पेस सेक्टर एंड इंडियन कमर्शियल लीगल फ्रेमवर्क: प्रोस्पेक्टिव्स एंड चैलेंजेस था।

थीम हेल्थ केयर में पहला स्थान आरएनटीयू के कंचन चौरे को मिला। जिनका टाइटल टू कंपैरेटिव स्टडी टू एस्सेस लेवल ऑफ़ दी एंजायटी टुवर्ड्स चाइल्डबर्थ एमंग प्रिमीग्रेविडा मल्टीग्रेविडा मदर्स इन सिलेक्टेड हॉस्पिटल भोपाल एमपी था। वहीं दूसरा स्थान आरएनटीयू की तृप्ति शुक्ला को मिला। जिनका टाइटल पब्लिक हेल्थ: स्टडी एंड इवैल्यूएशन आफ गवर्नमेंट पॉलिसीज इन प्रोपेलिंग इंडिया फ्रॉम ए डेवलपिंग टू ए डेवलप्ड नेशन था।

प्रोजेक्ट कैटेगरी में ट्रैक 1 में पहला स्थान हिमांशु शेखर, डॉ सीवी रमन यूनिवर्सिटी को मॉडल एग्री फ्लाइट, दूसरा स्थान जेहान पटेल, गणपत यूनिवर्सिटी गुजरात को मॉडल गन ड्रोन, तीसरा स्थान नंदकिशोर अनुरागी, सिस्टेक रातीबड़ को मॉडल ऑटोमेटिक एंड मैन्युअल आईओटी बेस्ड व्हीकल लिफ्टिंग अरेंजमेंट को मिला।

ट्रैक 2 में पहला स्थान अखिल नायर, गणपत विश्वविद्यालय गुजरात को मॉडल नेचर्स डिफेंस डिलाइट मेडिसिनल चॉकलेट इन्फ्यूज्ड विद नेचुरल इनग्रेडिएंट्स टू फ्लाइट अगेंस्ट मेजर डिसीज, दूसरा स्थान पलक सलोनी, डॉ सी वी रमन यूनिवर्सिटी, वैशाली, बिहार को मॉडल बायो एंजाइम: बेस्ट टू हेल्थ, तीसरा स्थान डॉ राकेश कुमार, आरएनटीयू को मॉडल स्मार्ट कोल्ड स्टोरेज को मिला।

ट्रैक 3 में पहला स्थान दिव्यांशु गुंडियाल आरएनटीयू को मॉडल 3डी इंसोल्स: बूस्टिंग हेल्थ एंड कंफर्ट, दूसरा स्थान शिवम के जानी, गणपत यूनिवर्सिटी गुजरात को मॉडल साइन लैंग्वेज रिकॉग्निशन, तीसरा स्थान देवर्षी पटेल, गणपति यूनिवर्सिटी गुजरात को मॉडल डीप लर्निंग बेस्ट क्राउड डिटेक्शन एंड मल्टी कैमरा पर्सन री-आईडेंटिफिकेशन सिस्टम को मिला।

ट्रैक 4 में पहला स्थान प्रतिभा भदोरिया आरएनटीयू को मॉडल वॉटर पॉल्यूशन कंट्रोल मॉडल, दूसरा स्थान आमिर खान, डॉ सी वी रमन यूनिवर्सिटी खंडवा को मॉडल सोलर बैंबू व्हीलचेयर और तीसरा स्थान ऋतिक रोशन डॉ सीवी रमन यूनिवर्सिटी वैशाली, बिहार को पोर्टेबल पावर बैकअप सिस्टम इंटीग्रेटेड विद सोलर चार्जिंग एंड एंड्राइड एसेसिबिलिटी को मिला।

ट्रैक 5 में पहला स्थान डॉ प्राची सोनी, आरएनटीयू को मॉडल इकोनामिक डेवलपमेंट ऑफ़ इंडिया, दूसरा स्थान मोनिका रोचलानी, आरएनटीयू को मॉडल नेचुरल रिसोर्सेस मैनेजमेंट फॉर सस्टेनेबल बायोडायवर्सिटी और तीसरा स्थान विजय शर्मा, आरएनटीयू को मॉडल चैनलेस बाइसिकल को मिला।

ट्रैक 6 में पहला स्थान यास्मीन शेख, एमजीएम इंस्टिट्यूट डिपार्टमेंट ऑफ़ प्रोस्थेटिक्स एंड ऑर्थोडिक्स मुंबई को मॉडल स्प्रिंगो फीट इमीडिएट प्रोस्थेसिस फॉर साइम्स एम्पूटेशन, दूसरा स्थान डॉ आकांक्षा पांडे, आरएनटीयू को मॉडल 3D मॉडल एयर पॉल्यूशन और तीसरा स्थान रुचि शाह, गणपत यूनिवर्सिटी गुजरात को मॉडल विजुअल एनालिटिक्स फॉर फ्रॉड डिटेक्शन इन बैंकिंग इंडस्ट्री को मिला।

इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि प्रो सुधीर सिंह भदोरिया, निदेशक, यूनिवर्सिटी इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भोपाल, बतौर विशिष्ट अतिथि श्री मनोज जैन, सीनियर एडवाइजर सेंटर फॉर इकोनामी, ट्रेड एंड इनोवेशन, एआईजीजीपीए भोपाल, डॉ अदिति चतुर्वेदी, प्रो-चांसलर, आरएनटीयू एंड डायरेक्टर आईसेक्ट ग्रुप आफ यूनिवर्सिटीज उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ सिद्धार्थ चतुर्वेदी, कुलाधिपति स्कोप ग्लोबल स्किल यूनिवर्सिटी भोपाल ने की।

इस मौके पर प्रो सुधीर सिंह भदोरिया ने अपने संबोधन में कहा कि आज का समय अनंत संभावनाओं से भरा हुआ है। छात्रों ने जिन प्रॉब्लम्स का सॉल्यूशन निकाला है उसका आगे समाज पर पाज़िटिव इंपैक्ट होना चाहिए। समाज की जागरूकता और प्रतिबद्धता से ही हम विकसित भारत की संकल्पना को पूरा कर पाएंगे।

डॉ सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा कि आए हुए प्रतिभागियों को रिसर्च के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहिए। रिसर्च, इनोवेशन और स्टार्टअप को साथ में चलना चाहिए। विश्वविद्यालय में प्रोडक्शन और मेनूफैक्चरिंग यूनिट भी होनी चाहिए। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता है। विद्यार्थियों को उन्होंने संदेश देते हुए कहा कि आप अपनी क्यूरोसिटी बढ़ाएं, रीडिंग हैबिट्स, आइडिया जेनरेशन पर विशेष रूप से फोकस करें और अधिक से अधिक वर्कशॉप कॉन्फ्रेंस में भाग लें। वहीं श्री मनोज जैन ने बताया कि हमारा प्रयास यह होना चाहिए कि एक छोटी सी रिसर्च कम्युनिटी में बदलाव ला सकें। फाइनेंस इंक्लूजन डिजिटल लिटरेसी, स्किल पर रिसर्च की जरूरत है। समापन सत्र के प्रारंभ में डाॅ अदिति चतुर्वेदी ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि आरएनटीयू ने रिसर्च को एक फेस्टिवल की तरह मनाया है। उन्होंने रिसर्च गतिविधियों को विस्तार पूर्वक बताया और कहा कि इसका ऑब्जेक्टिव गवर्नमेंट के मिशन से एलाइन होकर काम करना है।

शोध शिखर में थीम ‘नवाचार और प्रौद्योगिकी’ में विकासशील भारत के समावेशी विकास के लिए इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी, नवाचार, डिजिटल समाधान और उद्यमिता की विभिन्न शाखाओं से संबंधित सभी शोध पत्र और परियोजनाओं पर शोधार्थियों ने पेपर और प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए।

थीम ‘कृषि एवं संबद्ध विज्ञान’ में कृषि और संबद्ध विज्ञानों में विकास और अनुसंधान इस खंड में आते हैं जैसे फसल खेती, वन विकास, वन संरक्षण, कृषि जैव प्रौद्योगिकी के नवीनतम पहलू, कृषि अर्थशास्त्र, पादप प्रजनन, बीज की गुणवत्ता में सुधार आदि पर शोधार्थियों ने पेपर और प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए।

थीम ‘समसामयिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी’ में अतीत, वर्तमान और भविष्य में भारतीय ज्ञान प्रणाली सहित भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित, जैविक विज्ञान यानी माइक्रोबायोलॉजी, जूलॉजी, वनस्पति विज्ञान आदि जैसे बुनियादी और व्यावहारिक विज्ञान से संबंधित सभी शोधों पर शोधार्थियों ने पेपर और प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए।

थीम ‘पर्यावरणीय स्थिरता’ में वर्तमान युग में पर्यावरण में संतुलन, संरक्षण, जलवायु परिवर्तन शमन, टिकाऊ संसाधन प्रबंधन और प्रमुख चुनौतियों के लिए पर्यावरणीय समाधानों पर शोधार्थियों ने पेपर और प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए।

थीम ‘आर्थिक विकास’ में आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, ग्रामीण प्रबंधन, शहरी प्रबंधन, वित्तीय समावेशन, वित्तीय साक्षरता, गरीबी उन्मूलन में सतत विकास के लिए सभी चर्चा रणनीतियों सहित सामाजिक समावेशन: सामाजिक असमानता, शिक्षा, लैंगिक समानता और सामाजिक मुद्दों के समाधान और द्वितीय. शासन और संस्थागत सुधार: शासन, नीति ढांचे और संस्थागत सुधार, खुशी और विकास पर शोधार्थियों ने पेपर और प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए।

थीम ‘स्वास्थ्य सेवा’ में फार्मेसी, योग, नर्सिंग फिजियोथेरेपी और सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुसंधान और परियोजनाओं जैसे अच्छे स्वास्थ्य पर शोधार्थियों ने पेपर और प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए।

एटिक सेंटर में लगे प्रोजेक्ट में विशेष रूप से कोविड के समय अस्पतालों में मरीजों तक मेडिसिन या अन्य खाने पीने की वस्तुएं पहुंचाने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। स्टाफ कम पड़ गया था। इस बात को ध्यान में रखते हुए गणपत विश्वविद्यालय गुजरात के छात्र रुचिर शाह, एमबीए बिजनेस एनालिटिक्स प्रथम वर्ष के छात्र ने आईओटी बेस्ड रोबोट बनाया जो की मरीजों तक सप्लाई के लिए बेस्ट ऑप्शन माना जा रहा है।

गणपत विश्वविद्यालय गुजरात के मेकाट्रॉनिक्स सेकंड ईयर के छात्र जेहान पटेल ने बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्सज को ध्यान में रखते हुए गन ड्रोन बनाई है। यह ड्रोन 1000 मीटर की हाइट और 1.5 किलोमीटर लंबी दूरी की उड़ान भर सकता है। इसमें पिस्टल लगी हुई है जिससे टारगेट को आसानी से शूट किया जा सकता है। जेहान‌बताते हैं इसके अपग्रेडेड मॉडल को डीआरडीओ के साथ मिलकर बना रहे हैं। जेहान को उम्मीद है बहुत जल्द वह हमारी बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्सज की सेवा में शामिल होगा।

आरएनटीयू के बीएससी एग्रीकल्चर के छात्र अनुराग आनंद कपिल कुमार अमित कुमार और सत्यम वर्मा ने मिलकर नेचुरल आरो वॉटर बनाया है। इन्होंने इस फ्लड एरिया में होने वाली परेशानियों को देखते हुए विकसित किया। थर्ड एरिया में लाइट की काफी समस्या होती है जिससे कि पीने योग्य पानी उपलब्ध नहीं हो पता है तो इन्होंने नेचुरल तरीके से रो वॉटर बनाया इसमें 5 मिनट में 200 एमएल पीने योग्य पानी छनता है। जिसे उबालकर पिया जा सकता है।

आरएनटीयू के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के तृतीय वर्ष के छात्र राहुल कुमार और हिमांशु सौरव ने मिलकर ऑटोमेटिक स्प्रेयर बनाया है। इसके माध्यम से किसान अपने खेतों पर कीटनाशक का छिड़काव आसानी से कर सकते हैं। उन्हें अपनी पीठ पर अत्यधिक भार लेकर छिड़काव करने से परेशानी उठानी पड़ती थी। इस मॉडल के जरिए उन्हें इस परेशानी से अवश्य निजात मिलेगी। यह मॉडल किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगा।

आरएनटीयू बीएससी एग्रीकल्चर के फोर्थ ईयर के छात्र राहुल, मोहित, गुलशन कुमार ने होम प्लांट मानिटरिंग हेतु ‘प्लांट मॉनिटरिंग सिस्टम’ का मॉडल तैयार किया है। इसके माध्यम से यदि आप घर से दूर विश्व के किसी भी कोने में है वहां से आप अपने मोबाइल के जरिए अपने प्लांट को पानी दे सकते हैं साथ ही उसका टेंपरेचर भी आप जान सकते हैं।

समापन सत्र के दौरान समिट के सह समन्वयक डॉ किशोर ठाकरे ने शोध शिखर की समरी रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अध्यापकगण सहित छात्र छात्राओं और देशभर से आए शोधार्थी सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में मंच का संचालन विधि विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ नैश जमीर ने किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ संजीव गुप्ता, डीन एकेडमी ने सभी अतिथियों और शोधार्थियों का आभार व्यक्त किया।