नई दिल्ली, 8 दिसंबर (आईएएनएस)। संसद में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर विशेष चर्चा आयोजित की जा रही है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय गीत के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और स्वतंत्रता आंदोलन में उसके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने पीएम मोदी के भाषण को ऐतिहासिक और प्रेरणादायी बताया है।
इसी क्रम में भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने भी मीडिया से बातचीत में प्रधानमंत्री के भाषण की सराहना करते हुए इसे ‘ऐतिहासिक दस्तावेज’ करार दिया, जो आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन और प्रेरणा देगा।
अनुराग ठाकुर ने कहा, “वंदे मातरम करोड़ों भारतीयों के लिए ऊर्जा है, लेकिन कुछ लोगों के लिए एलर्जी बन गया है।”
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आज की चर्चा ने साफ कर दिया कि वंदे मातरम को लेकर कौन इसके पक्ष में खड़ा है और कौन इसके खिलाफ दिखाई देता है।
अनुराग ठाकुर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अखिलेश यादव कह रहे थे कि उन्हें वंदे मातरम याद हो या न हो, लेकिन उसका संदेश याद है। इस पर उन्होंने टिप्पणी की, “जब आप बच्चों से कहते हैं कि वे कोई भी गाना सुन सकते हैं, तो राष्ट्रीय गीत और फिल्मी गाने के महत्व में जमीन-आसमान का फर्क होता है। अखिलेश, कृपया थोड़ा जाग जाइए।”
भाजपा सांसद ने आगे कहा कि वंदे मातरम पर शुरू से ही तुष्टीकरण की राजनीति होती रही है।
उन्होंने पीएम मोदी के संबोधन के दौरान अनुपस्थित रहे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “2018 में राहुल गांधी ने दक्षिण भारत की एक रैली में वंदे मातरम की सिर्फ एक लाइन कही थी। नेहरू ने इसे दो छंदों तक सीमित किया, राहुल एक लाइन तक सीमित हो गए, और आज पीएम मोदी के संबोधन के दौरान भाई-बहन दोनों सदन से गायब रहे।”

