नई दिल्ली, 30 नवंबर (आईएएनएस)। नींबू के बिना कई व्यंजनों का स्वाद अधूरा रह जाता है। नींबू का सेवन शरीर में विटामिन सी की कमी को पूरा करता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि खट्टा यानी अम्लीय होने के बाद भी नींबू पेट की एसिडिटी को कम करने में मदद करता है।
नींबू एसिडिटी ही नहीं, बल्कि कब्ज, जलन और अपच की समस्या से राहत पाने में भी मदद करता है।
नींबू का स्वभाव अम्लीय होता है, लेकिन पानी में मिलाने से इसके स्वाद में परिवर्तन आ जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि शरीर में जाने के बाद नींबू अपने गुण बदल देता है और मधुर और क्षारीय हो जाता है। अपने इन्हीं गुणों की वजह से नींबू एसिडिटी और पेट से जुड़ी परेशानियों में राहत देता है।
आयुर्वेद में नींबू को पित्त दोष हारक बताया गया है। अगर शरीर में पित्त संतुलित रहेगा, तो पेट से जुड़ी समस्याएं कम होंगी। गैस कम बनेगी, खाना अच्छे से पचेगा और खट्टी डकार और अम्ल कम मात्रा में बनेंगे। हालांकि नींबू का कब और कैसे सेवन करना है, ये भी मायने रखता है। अगर खाने के बाद भारीपन या गैस की समस्या रहती है तो खाने से पहले नींबू का सेवन किया जा सकता है। ये खाने को पचाने में मदद करेगा और पेट में बन रहे एक्सट्रा अम्ल को शांत करेगा।
लिवर की सफाई के लिए भी नींबू सहायक है। यह लिवर में पित्त को संतुलित करता है और डिटॉक्स होने में मदद करता है। इसके लिए किसी भी समय नींबू और पानी का सेवन किया जा सकता है। इसके अलावा, मौसम के बदलते ही प्यास और मुंह की शुष्कता की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में नींबू पानी में शहद मिलाकर पीने से गले में राहत मिलेगी और गले में शुष्कता कम होगी। अगर रात के खाने के बाद पेट भारी और जलन की समस्या रहती है, तो ऐसे में रातभर सौंफ भिगोकर सुबह उसके पानी में नींबू मिलाकर लेने से आराम मिलेगा। इससे मेटाबॉलिज्म मजबूत होगा और खाने का पाचन भी तेजी से होगा।
ध्यान रखने वाली बात ये है कि अगर किसी को अल्सर की समस्या है या शरीर में किसी तरह की सूजन या जोड़ों का दर्द बना रहता है तो नींबू का सेवन कम मात्रा में करें।




