महिला के आगे बढ़ने से संभव है पूरे समाज और राष्ट्र की प्रगति

0
89

रानी शर्मा

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) हर साल 8 मार्च को पूरी दुनिया में महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए मनाया जाता है। यह दिन न केवल महिलाओं के सम्मान का है, बल्कि लैंगिक समानता (Gender Equality) के लिए चल रहे संघर्ष को याद करने और इसे मजबूत करने का भी अवसर है।

महिला दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि यह साल के 365 दिन महिलाओं के प्रति सम्मान, सुरक्षा और समानता सुनिश्चित करने का एक संकल्प है। महिला के आगे बढ़ने पर ही किसी राष्ट्र और समाज की प्रगति निर्भर है।

वर्तमान दौर में भी आज महिलाएं जिस स्थान पर है उसके पीछे हमारी पूर्वज महिलाओं के संघर्ष की गाथा है, उनके संघर्ष के कारण ही आज हम महिला दिवस मना पा रहे है । उन क्रांतिकारी महिलाओं के प्रति सबको आज आभार भी व्यक्त करना चाहिए । महिला दिवस की शुरुआत 20वीं सदी की शुरुआत में हुई थी, जब महिलाओं ने काम करने की बेहतर परिस्थितियों और मतदान के अधिकार (Right to Vote) के लिए आवाज उठानी शुरू की थी । सबसे पहले ​1908 में न्यूयॉर्क शहर में लगभग 15,000 महिलाओं ने काम के घंटे कम करने, बेहतर वेतन और वोट देने के अधिकार की मांग को लेकर एक विशाल मार्च निकाला था। इसके बाद ​1910 में क्लारा ज़ेटकिन (Clara Zetkin) नाम की महिला ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर महिला दिवस मनाने का विचार रखा। इस तरह ​1911 में पहली बार ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्जरलैंड में इसे आधिकारिक तौर पर मनाया गया। आखिरकार ​1975 में संयुक्त राष्ट्र (UN) ने 8 मार्च को ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ के रूप में मान्यता दी, जिसके बाद यह वैश्विक स्तर पर यह मनाया जाने लगा।

​महिला दिवस को ​एक विशेष दिन के रूप में मनाने के पीछे कई कारण है, जिसमें ​सबसे बड़ा कारण पुरुष और महिला के बीच भेदभाव को खत्म करके उन्हें समान अवसर प्रदान करके समानता स्थापित करना है । वहीं ​महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और कानूनी अधिकारों के प्रति समाज को शिक्षित करके जागरूकता बढ़ाना है । पूरी दुनिया में महिला दिवस पर विज्ञान, कला, व्यापार, राजनीति और खेल जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों को पहचान कर हम सफलता का जश्न भी मनाते है।

दुनियां में महिलाएं आगे बढ़ रही है लेकिन इसके साथ ही उनके लिए चुनौतियां भी कम नहीं है । महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा और कार्यस्थल पर होने वाले शोषण के विरुद्ध एकजुट होकर ​हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने की भी जरूरत है । आज महिलाएं केवल घर ही नहीं, बल्कि बड़े कॉरपोरेट ऑफिस, सेना और अंतरिक्ष तक का नेतृत्व कर रही हैं लेकिन देश दुनिया के समाज में आज भी बड़े पैमाने पर कई रूढ़ियां व्याप्त है, इन रूढ़ियों को तोड़ने के लिए सबको मिलकर जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्य करना होगा।

महिला दिवस सभी महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। इस दिवस पर समाज के सभी महिलाओं पुरुषों को संकल्प लेने की जरूरत है कि हम सब मिलकर एक ऐसे समाज का निर्माण कर पाएं जिसमें समानता, मैत्री, प्रेम, करुणा का माहौल हो और सब इंसानियत को अपना कर एक बेहतरीन इंसान बन कर जीवन जी पाएं।
(लेखिका kharinews की सम्पादक हैं.)