नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान 19 जनवरी 2026 को भारत की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे। बतौर राष्ट्रपति ये भारत की उनकी तीसरी और पिछले एक दशक में पांचवीं यात्रा होगी। यूएई के भारतीय दूतावास ने इससे संबंधित बयान जारी किया है।
दूतावास ने इस दौरे को भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी में एक और मील का पत्थर करार देते हुए राष्ट्रपति नाहयान और पीएम मोदी के लिए नई राहें तय करने का एक मौका बताया है।
यह यात्रा हाल के वर्षों में दोनों देशों के प्रगाढ़ होते रिश्तों की बानगी है। सितंबर 2024 में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस महामहिम शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और अप्रैल 2025 में यूएई के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री तथा दुबई के क्राउन प्रिंस महामहिम शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम की यात्रा भी इसी लिस्ट में शामिल है।
भारत और यूएई के घनिष्ठ और बहुआयामी संबंध हैं, जो मजबूत राजनीतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों पर आधारित हैं। दोनों देश एक-दूसरे के शीर्ष व्यापार और निवेश भागीदारों में से हैं, जिन्हें व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए), स्थानीय मुद्रा निपटान (एलसीएस) प्रणाली, और द्विपक्षीय निवेश संधि से बढ़ावा मिला है। भारत और यूएई के बीच ऊर्जा क्षेत्र में भी मजबूत साझेदारी भी है, जिसमें दीर्घकालिक ऊर्जा आपूर्ति समझौते शामिल हैं।
भारतीय दूतावास के अनुसार, यह यात्रा दोनों नेताओं को भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी के लिए नए रास्ते तलाशने का अवसर प्रदान करेगी। यह आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों के आदान-प्रदान को भी सक्षम बनाएगी।
सितंबर 2023 में, नाहयान संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति बनकर जी20 लीडर्स समिट में शामिल हुए थे। फिर नवंबर 2023 में, उन्होंने वर्चुअल ग्लोबल साउथ समिट में भी भाग लिया था। जनवरी 2024 में, वे गुजरात में 10वें वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के मुख्य अतिथि थे। पिछले पांच सालों में भारत और यूएई के रिश्ते काफी मजबूत हुए हैं।

