बरेली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘प्रतिभा सेतु’ नामक एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के शुभारंभ की घोषणा की है, जो उन यूपीएससी उम्मीदवारों की सहायता करेगा, जो अंतिम मेरिट सूची में जगह बनाने से चूक गए थे। इस प्लेटफॉर्म में 10 हजार से ज्यादा प्रतिभाशाली उम्मीदवारों का डाटा है, जिसका उद्देश्य उन्हें भविष्य में अवसर प्रदान करना है।
संयुक्त मजिस्ट्रेट और यूपीएससी 2023 की टॉपर इशिता किशोर ने आईएएनएस से खास बातचीत में कहा कि मैं प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करना चाहती हूं क्योंकि मैं भी इस परीक्षा में दो बार असफल रही थी, और यह पहल बहुत जरूरी थी। यह हमारे युवाओं और यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे सभी उम्मीदवारों को बहुत प्रोत्साहित करेगा। यूपीएससी परीक्षा समाज की व्यवस्था, देश और सामाजिक समस्याओं के बारे में सिखाती है। इसकी तैयारी करने वाले लोगों का योगदान राष्ट्र निर्माण में मजबूती से हो पाएगा।
उन्होंने कहा कि परीक्षा की तैयारी करने वालों को साथ में प्लान बी लेकर चलने की जरूरत है। कई बार ऐसा होता है कि सक्षम लोग भी असफल हो जाते हैं। ऐसे में पीएम खुद ही प्लान बी बता रहे हैं तो यह लोगों के लिए मोटिवेशन का काम करेगा। अगर परीक्षा नहीं पास कर पाए तब भी ‘प्रतिभा सेतु’ ऐप के माध्यम से देश के निर्माण में योगदान दे सकते हैं। अब इस ऐप के माध्यम से कहीं और भी अप्लाई कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 125वें एपिसोड में ‘प्रतिभा सेतु’ नामक डिजिटल प्लेटफॉर्म का जिक्र करते हुए कहा कि यह पोर्टल उन होनहार अभ्यर्थियों के लिए बनाया गया है, जो यूपीएससी की अलग-अलग परीक्षाओं के सभी चरण तो पास कर लेते हैं, लेकिन अंतिम मेरिट लिस्ट तक नहीं पहुंच पाते।
उन्होंने कहा कि अब तक ऐसे अभ्यर्थियों को दूसरी परीक्षाओं के लिए फिर से नए सिरे से तैयारी करनी पड़ती थी, जिससे उनका समय और पैसा दोनों व्यर्थ होता था। अब ‘प्रतिभा सेतु’ प्लेटफॉर्म के जरिए इन युवाओं की मेहनत और प्रतिभा का सही उपयोग किया जा सकेगा।