मुंबई, 30 अगस्त (आईएएनएस)। मुंबई के विरार पूर्व में हुए रमाबाई अपार्टमेंट हादसा मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट 3 ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। 26 अगस्त की रात को यह बहुमंजिला इमारत ढह गई थी, जिसमें 17 लोग मारे गए, जबकि 9 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे।
पहले इस मामले में इमारत के निर्माण से जुड़े बिल्डर नीतल साने (48 वर्ष) को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद केस को गंभीरता से लेते हुए जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। टीम ने कार्रवाई करते हुए 4 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें प्लॉट मालिक की दो बेटियां (शुभांगी और संध्या पाटील) के अलावा सुरेंद्र और मंगेश पाटील शामिल हैं। सभी को शनिवार को वसई की सत्र न्यायालय में पेश किया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, जमीन मालिक परशुराम दलवी और बिल्डर नीतल साने के बीच 2008 से 2009 के बीच एक निर्माण समझौता हुआ था, जिसके तहत रमाबाई अपार्टमेंट का निर्माण किया गया था। हालांकि, हादसे के बाद निर्माण कार्य में बड़ी लापरवाही और संभावित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठे।
विरार पूर्व में रमाबाई अपार्टमेंट की चार मंजिला इमारत बुधवार रात करीब 12:10 बजे अचानक गिर गई थी। 26 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन अन्य 17 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी दुख जताया और पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद की घोषणा की।
इसी बीच वसई-विरार महानगरपालिका के सहायक आयुक्त गिलसन घोंसलेविस ने हादसे के बाद बिल्डर नितल गोपीनाथ साने (48) और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और महाराष्ट्र प्रादेशिक व नगर रचना अधिनियम की तीन धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की।
एफआईआर के मुताबिक, बिना अनुमति इमारत का निर्माण हुआ। इसमें 54 फ्लैट और 4 दुकानें बनाई गईं, जिसमें खराब गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल हुआ। फिलहाल इस मामले में कुल 5 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।