खुद को भगवान मानने वाले को जनता ने दिया बड़ा संदेश : संजय सिंह

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नई दिल्ली, 4 जून (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा कि लोकसभा चुनाव के नतीजे सामने आ रहे हैं और कई तरह के संदेश भी दे रहे हैं। सबसे बड़ा संदेश जनता ने दिया है कि भाजपा के 10 साल के शासन से लोग दुखी हैं, परेशान हैं और इस सरकार को हटाना चाहते हैं। लोग बेरोजगारी, तानाशाही और महंगाई से दुखी हैं।

उन्होंने कहा कि जिस तरह से इस चुनाव में धनबल का इस्तेमाल किया गया, ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग किया गया, इनकम टैक्स का इस्तेमाल किया गया, पुलिस का इस्तेमाल किया गया, हमारी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल को पकड़कर जेल में डाल दिया गया, हमारे नेता मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन को भी जेल में डाला गया है। पूरे चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की गई है।

संजय सिंह ने कहा कि जो नतीजे सामने आ रहे हैं, उसमें भाजपा को बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है। पिछले चुनाव की तुलना में भाजपा को करीब 60 सीटों का नुकसान हुआ है। प्रधानमंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि उन्होंने 400 पार का नारा दिया था। लेकिन, देश की जनता यह समझ गई कि भाजपा को 400 चाहिए संविधान को बदलने के लिए, यह 400 चाहिए आरक्षण को खत्म करने के लिए, इसलिए देश की जनता ने यह अंजाम दिया है। मैं इस देश की महान जनता को बधाई देना चाहता हूं कि उन्होंने एग्जिट पोल को बदल दिया।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी खुद को भगवान से ऊपर मानने लगे। उन्हें खुद पर इतना अहंकार हो गया कि वह राम को लाने का दावा करने लगे। उनकी पार्टी के लोग जगन्नाथ भगवान को उनके भक्त बताने लगे। जनता ने इसलिए उन्हें एक अच्छा सबक दिया है। जनता ने यह बताया है कि इस देश में तानाशाही नहीं चलेगी।

आप नेता गोपाल राय ने कहा कि सात चरणों में जिस तरीके से जनता ने वोट किया था, उससे यह मैसेज पूरी तरीके से साफ हो गया था। लेकिन, फिर भी देशभर की मीडिया चैनल को मैनेज किया गया। एग्जिट पोल के जरिए लोगों पर मानसिक रूप से दबाव देने की कोशिश की गई। हमारे पंजाब से सांसदों की संख्या सदन में बढ़ने जा रही है। दिल्ली में जिस तरीके से अरविंद केजरीवाल को पकड़कर जेल में डाला गया ताकि वह पार्टी ना चला पाएं, फिर भी कार्यकर्ताओं ने कड़ी मेहनत कर पार्टी को मजबूत बनाया।

उन्होंने कहा कि एनडीए गठबंधन में दो मजबूत पार्टियां हैं। एक आंध्र प्रदेश में टीडीपी है, जिसमें चंद्रबाबू नायडू हैं, जिन्होंने 2019 में प्रधानमंत्री के खिलाफ पूरे देश के नेताओं को एकजुट किया था। दूसरी तरफ नीतीश कुमार हैं, जिन्होंने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोला था। इनसे जनता को बड़ी उम्मीदें हैं।