चार एग्जिट पोल के नतीजे बता रहे झारखंड में बड़ी जीत की तरफ बढ़ रहा एनडीए

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रांची, 1 जून (आईएएनएस)। लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण का मतदान 1 जून को संपन्न होने के साथ झारखंड को लेकर आए कई एग्जिट पोल के नतीजों में एनडीए का दबदबा बरकरार है।

अब तक कुल चार एजेंसिय-चैनल ने झारखंड की 14 सीटों को लेकर एग्जिट पोल के नतीजों का ऐलान किया है। इनमें से तीन ने राज्य की 14 में से 12-13 सीटों पर एनडीए की जीत का अनुमान जताया है। एक एजेंसी ने अपने एग्जिट पोल में एनडीए को 8 से 10 सीटें दी है।

2014 और 2019 के चुनाव में एनडीए ने झारखंड की 14 में से 12 सीटों पर जीत दर्ज की थी। ज्यादातर एजेंसियों के एग्जिट पोल बता रहे हैं कि इस बार भी यही नतीजे दोहराए जाने वाले हैं।

टाइम्स नाउ के एग्जिट पोल की मानें तो एनडीए एकतरफा जीत दर्ज करती दिख रही है। इसके मुताबिक, राज्य की 14 में से 13 सीटें एनडीए के खाते में जाती दिख रही है। सिर्फ एक सीट पर ‘इंडिया’ गठबंधन को आगे बताया गया है। इसके मुताबिक कांग्रेस एक सीट पर जीत दर्ज करती दिख रही है। वहीं, सहयोगी दल झामुमो, राजद और माले को करारी हार झेलनी पड़ सकती है।

पी-एमएआरक्यू के एग्जिट पोल के नतीजों के अनुसार भी एनडीए को 14 में से 13 सीटों पर जीत मिलती दिख रही है। जबकि, ‘इंडिया’ गठबंधन के खाते में मात्र एक सीट जाने का अनुमान है।

इंडिया न्यूज-डी डायनामिक्स के एग्जिट पोल के मुताबिक एनडीए को 12 और ‘इंडिया’ गठबंधन को 2 सीटें मिल सकती हैं। इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के नतीजे बता रहे हैं कि झारखंड में इस बार एनडीए को 2019 के चुनाव की तुलना में तीन से छह सीटों तक का नुकसान हो सकता है। पिछले चुनाव में एनडीए ने राज्य की 14 में से 12 सीटों पर कब्जा किया था। इस बार उनके खाते में आठ से दस सीटें ही जाती दिख रही हैं।

हालांकि, इन आंकड़ों के अनुसार ओवरऑल एनडीए को अब भी ‘इंडिया’ गठबंधन की तुलना में बढ़त दिख रही है। इस एग्जिट पोल के नतीजे के अनुसार भाजपा को 8 से 10 सीटों और उसकी सहयोगी आजसू को एक सीट पर जीत हासिल हो सकती है। कांग्रेस को 2 से 3 और और झारखंड मुक्ति मोर्चा को भी 2 से 3 सीटें मिलने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

इस एग्जिट पोल के अनुसार ‘अन्य’ यानी निर्दलीय को भी एक सीट मिलने का अनुमान है। इस एग्जिट पोल में वोट शेयरिंग के हिसाब से भी एनडीए को 1.6 फीसदी का नुकसान होता दिख रहा है।

2019 के चुनाव में एनडीए की वोट शेयरिंग 51.6 प्रतिशत थी। इस बार वोट शेयरिंग 50 प्रतिशत हो सकती है। दूसरी तरफ ‘इंडिया’ गठबंधन की वोट शेयरिंग में करीब 11 प्रतिशत का उछाल दिखाया गया है। पिछले चुनाव में झामुमो और कांग्रेस को मिलाकर कुल वोट प्रतिशत 30 था। इस बार इनका वोट प्रतिशत 41 पहुंचने का अनुमान है।