देश में इस समय राम की लहर है, जो राम का नहीं वो हमारे किसी काम का नहीं : देवकीनंदन ठाकुर (आईएएनएस साक्षात्कार)

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नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। भागवत कथा वक्ता, जाने-माने कथा वाचक, आध्यात्मिक नेता, धर्मरत्न एवं पीस एंबेसडर के तौर पर मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित देवकी नंदन ठाकुर ने आईएएनएस के साथ साक्षात्कार में बहुत से मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इस देश में इस समय केवल और केवल राम की लहर चल रही है।

देवकीनंदन ठाकुर ने आईएएनएस के सवाल कि देश में इस समय किसकी लहर है, पीएम मोदी या राहुल गांधी की? इसके जवाब में कहा कि देश में केवल राम की लहर है, जो राम का नहीं, वो हमारे किसी काम का नहीं।

‘वोट जिहाद’ जैसी बात पर उन्होंने आईएएनएस से कहा, “मैं तो सनातनियों को सिर्फ एक बात कहूंगा घर से निकलें, वोट डालें। आप अपने एक वोट से सांसद चुनेंगे। एक-एक सांसद सरकार बनाएगा। अगर मैंने भगवान श्रीराम कृष्ण की पूजा की है तो इस बार हमको बाहर निकलना चाहिए और सनातन सरकार का निर्माण करना चाहिए। 2024 में सनातनियों का यही फर्ज और दायित्व है। हम सबको इसी दायित्व को निभाना चाहिए।”

आईएएनएस के सवाल कि क्या रामलला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में नहीं जाने का नुकसान कांग्रेस को झेलना पड़ रहा है?, जवाब में देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि वह भविष्य की गर्त में छिपा हुआ है। मैं यही कहूंगा कि यह देश राम का है, यह देश कृष्ण का है। सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और अब कलियुग चल रहा है और इस देश में भगवान का अवतार बार-बार होता है। 100 करोड़ सनातनियों की भावनाओं को हम लोग दरकिनार नहीं कर सकते। वह कोई भी पार्टी क्यों ना हो। मैं तो कहता हूं कि अगर आप राम मंदिर के भव्य उद्घाटन में नहीं गए तो बाद में चले जाते। बुराई क्या है? बाद में क्यों नहीं गए? अगर आप नहीं गए हैं तो जनता सब जानती है।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि की अलख जगाने के सवाल और कान्हा के घर के दरवाजे क्या जल्द ही खुलेंगे के जवाब में उन्होंने कहा कि हमारे ब्रज में कहते हैं कि पूत के पांव पालने में दिखते हैं। मुझे ऐसा लगता है कि रामलला का भव्य दिव्य मंदिर निर्माण का एक इशारा है कि अब कृष्ण मंदिर भी बनेगा। इस पृथ्वी पर औरंगजेब का जो अत्याचार था उस अत्याचार का नामो निशान मिटेगा, ऐसा मुझे भविष्य में दिख रहा है।

आगरा के जामा मस्जिद की सीढ़ियों में भगवान की मूर्ति को लेकर उनके द्वारा दाखिल याचिका के सवाल पर उन्होंने कहा कि औरंगजेब ने 1670 में जिस समय मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मंदिर को तोड़ा। ऐसा मैं नहीं कह रहा। कई मुस्लिम इतिहासकारों ने अपनी किताबों में लिखा है, जिसको हमने कोर्ट में पेश किया है। उसमें लिखा हुआ है कि उन्होंने कृष्ण की छवियों को ले जाकर आगरा के जामा मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे गाड़ा और आज भी वो वहीं है। आज भी उनके ऊपर पैर रखकर लोग जाते हैं। अगर मेरे ईश्वर की छवि के ऊपर पैर रखकर जाया जा रहा है तो मेरा जीना बेकार है। हर उस पार्टी के व्यक्ति के लिए धिक्कार है, जो ये जानने के बावजूद भी नहीं बोल रहे हैं। यह जानने के बाद भी नहीं सोच रहे हैं कि कृष्ण तुम्हारे जामा मस्जिद की सीढ़ियों में दबे हुए हैं। ये सोचनीय और चिंतनीय विषय है।

उन्होंने कांग्रेस मुसलमानों को पहली प्राथमिकता देने का काम करती है? के जवाब में कहा कि, हमारे मंदिर ले लिए गए। हज यात्रा पर फंड निकाल दिया गया। वक्फ बोर्ड बनाने की जरूरत थी, एक सनातन बोर्ड भी बना दो। हम जानना चाहेंगे वक्फ बोर्ड को इतनी अथॉरिटी क्यों दी गई? उनके लिए रूल रेगुलेशन क्यों बना दिए गए? संविधान सबके लिए समान है तो कानून दो कैसे हो गए? वक्फ बोर्ड का निर्माण क्यों हुआ? अगर वक्फ बोर्ड का निर्माण हुआ तो मैं तो आज पीएम मोदी से भी कहूंगा कि अगर उनकी दोबारा सरकार आई तो सनातन बोर्ड का भी गठन होना चाहिए। सनातन बोर्ड को वो सारे अधिकार मिलने चाहिए, जो वक्फ बोर्ड के पास है। सनातन न्यास को पूरे अधिकार मिलने चाहिए और इसके लिए हम जनजागृति करेंगे। ये देश हमारा है, पहला अधिकार हमारा होना चाहिए। जिन लोगों को वक्फ बोर्ड बनाकर अलग से अधिकार देते हो, वह लोग ऑलरेडी पाकिस्तान ले चुके हैं। उनके पास पाकिस्तान और बांग्लादेश है। हम सब कहां जाएंगे। इस इलेक्शन के बाद हमारे दो ही उद्देश्य रहेगा। पहला हम भगवान श्रीकृष्ण के मंदिर के निर्माण के लिए बार-बार आवाज उठाएंगे। दूसरा जैसे वक्फ बोर्ड है वैसे सनातन बोर्ड होना चाहिए, जिसमें सनातन को सब अधिकार प्राप्त हो।

उन्होंने आगे कहा कि मेरी सोच यह है कि इस देश पर सबसे पहला अधिकार अगर किसी का है तो वह सनातनियों का है।