पप्पू यादव पर रंगदारी मांगने का आरोप, एफआईआर दर्ज, सांसद ने दी सफाई

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पूर्णिया, 11 जून (आईएएनएस)। बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के खिलाफ एक फर्नीचर व्यापारी ने रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करवाई है।

इस संबंध में पूर्णिया के पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने बयान जारी कर कहा, “एक फर्नीचर व्यापारी ने पप्पू यादव पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है। इसके अलावा, उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई है। मामले की जांच जारी है। जांच के बाद जो तथ्य सामने आएगा, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और यह तय किया जाएगा कि पप्पू यादव पर लगे आरोप सही हैं या नहीं? सही होंगे तो उनके खिलाफ आगे विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।“

उन्होंने कहा, “पप्पू यादव पर रंगदारी मांगने का आरोप है। पप्पू यादव ने 2021 और 2023 में व्यापारी से रंगदारी मांगी थी। व्यापारी ने आरोप लगाया है कि पप्पू यादव ने उनसे चुनाव से पहले भी रंगदारी मांगी थी। वहीं, काउंटिंग खत्म होने के बाद भी रंगदारी मांगी गई थी। आरोप लगाने वाले फर्नीचर व्यापारी ने अपने लिए सुरक्षा की भी गुहार लगाई है। इस संबध में हम विचार कर रहे हैं।“

वहीं, पप्पू यादव ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियादी बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स अकाउंट पर इसको लेकर किए गए अपने पोस्ट में कहा, “देश-प्रदेश की राजनीति में मेरे बढ़ते प्रभाव और आम लोगों के बढ़ते स्नेह से परेशान लोगों ने आज पूर्णिया में घृणित षड्यंत्र रचा है। एक अधिकारी और विरोधियों के इस साज़िश को पूर्ण रूप से बेनक़ाब करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के अधीन इसकी निष्पक्ष जांच करवाई जाए और जो दोषी हो उसे फांसी दे दें।“

इसके अलावा, फर्नीचर व्यापारी का भी इस मामले में बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, “पप्पू यादव और उनके सहयोगी मुझे लगातार फोन कर रहे हैं और मुझसे पहले 10 लाख रुपए फिर 15 लाख रुपए और अब 1 करोड़ रुपए की रंगदारी मांग रहे हैं। अब मैंने इस संबंध में पुलिस में प्राथमिकी भी दर्ज करवाई है। इसके अलावा, मैंने सुरक्षा की भी गुहार लगाई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मुझे पूरा भरोसा है कि आने वाले दिनों में मुझे इंसाफ मिलेगा।“

बता दें कि इस लोकसभा चुनाव में पप्पू यादव ने पूर्णिया लोकसभा सीट से जीत का परचम लहराया है। इससे पहले वो कांग्रेस से टिकट मांग रहे थे, लेकिन उनका टिकट आरजेडी के खाते में चला गया। इससे खफा होकर उन्होंने निर्दलीय ही चुनाव लड़ने का फैसला किया और जीत दर्ज की।