पीएम मोदी के नामांकन में दिखी एनडीए की एकजुटता

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लखनऊ, 14 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव-2024 के लिए मंगलवार को वाराणसी से तीसरी बार नामांकन किया। पुष्य नक्षत्र में उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में पर्चा दाखिल किया। गंगा सप्तमी पर मां गंगा को नमन करने के बाद प्रधानमंत्री काशी कोतवाल काल भैरव के दर पर पहुंचे, वहां उनसे अनुमति-आशीर्वाद लेकर नामांकन किया।

पीएम के नामांकन में एनडीए में शामिल सभी दल के प्रमुख या उनका बड़ा नेता मौजूद रहा। इसके जरिए उन्होंने विपक्ष के सामने एका की बड़ी तस्वीर दिखाई।

मंगलवार को गंगा सप्तमी के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री ने मंगलवार सुबह सबसे पहले दशाश्वमेध घाट पर गंगा पूजन किया। काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के सदस्य के वेंकट रमन घनपाठी ने गंगा पूजन कराया। गंगा पूजन कराने वालों में तीन पुजारी तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश व महाराष्ट्र के रहे।

इस दौरान प्रधानमंत्री स्वामी विवेकानंद क्रूज पर दशाश्वमेध घाट से गंगा विहार करते हुए आदिकेशव घाट तक गए, फिर नमो घाट पर उतरे। नमो घाट से प्रधानमंत्री सीधे काशी के कोतवाल काल भैरव बाबा के दर्शन-पूजन व आरती करने पहुंचे। यहां उन्होंने बाबा से अनुमति व आशीर्वाद लिया, फिर कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां तीसरी बार काशी से पीएम मोदी ने नामांकन किया।

मंदिर गेट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम को अंगवस्त्र भेंट किया और आमजन ने पुष्प वर्षा की। पूरा मंदिर व आसपास का क्षेत्र हर-हर महादेव की गूंज से गुंजायमान हो उठा।

काल भैरव मंदिर में पूजन के दौरान पीएम के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री के नामांकन में चार प्रस्तावक शामिल रहे। इसमें गणेश्वर शास्त्री द्रविड़, बैजनाथ पटेल, लालचंद कुशवाहा व दलित समाज के संजय सोनकर रहे।

गणेश्वर शास्त्री ने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का मुहूर्त निकाला था, जबकि बैजनाथ पटेल जनसंघ के समय के कार्यकर्ता हैं।

पीएम के नामांकन कार्यक्रम में कलेक्ट्रेट में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा, गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल, छत्तीसगढ़ के विष्णु देव साय, मध्य प्रदेश के मोहन यादव, राजस्थान के भजनलाल शर्मा, महाराष्ट्र के एकनाथ शिंदे, हरियाणा के नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, हरदीप पुरी, पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, लोजपा प्रमुख चिराग पासवान, जीतन राम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा, यूपी में एनडीए के घटक लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी, अपना दल (एस) की अनुप्रिया पटेल, निषाद पार्टी के संजय निषाद, सुभासपा के ओमप्रकाश राजभर, पशुपति पारस आदि की मौजूदगी रही।