मध्य प्रदेश के दिग्गजों की प्रचार के लिए दूसरे राज्यों में मांग

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भोपाल, 20 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में चुनाव के बाद यहां के नेताओं की दूसरे राज्यों में मांग बढ़ गई है। भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और कांग्रेस की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह दूसरे राज्यों के सबसे ज्यादा दौरे कर रहे हैं।

राज्य में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान होने के बाद कई नेताओं की दूसरे राज्यों में ड्यूटी लगाई गई है। राज्य के नेताओं को उत्तर प्रदेश, दिल्ली, ओडिशा और बिहार भेजा गया है। जिन नेताओं की ड्यूटी लगाई गई है वो अपनी-अपनी जिम्मेदारी वाले क्षेत्रों में सक्रिय रहकर पार्टी के उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार अभियान में लगे हुए हैं।

दोनों ही दल भाजपा और कांग्रेस की ओर से राज्य के नेता दूसरे राज्यों में डेरा डाले हुए हैं। लोकसभा चुनाव में दूसरे राज्यों में भाजपा के प्रमुख नेताओं में मुख्यमंत्री मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा की सबसे ज्यादा मांग है, वहीं कांग्रेस की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को उम्मीदवार अपने-अपने इलाके में प्रचार के लिए बुलाना चाह रहे हैं।

इन प्रमुख नेताओं के दौरों पर अगर गौर किया जाए तो मुख्यमंत्री यादव उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र और बिहार के दौरे लगातार कर रहे हैं। एक दिन में दो से तीन सभाओं के अलावा रोड शो करने में व्यस्त हैं।

वहीं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पश्चिम बंगाल, दिल्ली सहित देश के अन्य राज्यों में भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा भी राज्य के बाहर उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं।

कांग्रेस के भी कई नेता दूसरे राज्यों में पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा सक्रिय पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह हैं और वह उत्तर प्रदेश, बिहार के अलावा अन्य राज्यों में उम्मीदवारों के समर्थन में जनसभाएं कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री मोहन यादव और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निशाने पर प्रचार के दौरान विपक्षी दलों का गठबंधन है, साथ में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी उनके निशाने पर रहते हैं।

वहीं दिग्विजय सिंह सबसे ज्यादा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हैं। सभी नेताओं के प्रचार का अंदाज आक्रामक है और वह एक दूसरे दल के नेताओं को घेरने में पीछे नहीं हैं।