राजकोट में एयरपोर्ट की कैनोपी ध्वस्त होने पर भड़के कांग्रेस नेता जिग्नेश मेवाणी, जांच की मांग

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राजकोट, 29 जून (आईएएनएस)। राजकोट हवाई अड्डे की कैनोपी गिरने की घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस पर अब गुजरात कांग्रेस के नेता जिग्नेश मेवाणी की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने इसके निर्माण में जुड़े अधिकारियों पर निशाना साधते हुए इसकी जांच की मांग की है और कहा कि जो भी इसमें दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।  

कांग्रेस नेता जिग्नेश मेवाणी ने कहा, “अभी-अभी खबर है कि राजकोट एयरपोर्ट का एक हिस्सा गिर गया। वो जानलेवा भी हो सकता था और यह सब इसलिए हो रहा है, क्योंकि भाजपा के वरिष्ठ नेता और उनके चहेते अफसर मिलकर हर चीज में भ्रष्टाचार कर रहे हैं। यह सरकार ही भ्रष्टाचार में लिप्त है। हाल में एयरपोर्ट पर यह तीसरी ऐसी वारदात है। दिल्ली में भी बीते दिनों ऐसा ही हादसा हुआ था। इसमें एक शख्स की जान चली गई थी। अब अगर राजकोट में भी ऐसा ही हादसा हुआ होता, तो उसका जिम्मेदार कौन होता?“

उन्होंने आगे कहा, “राजकोट में एक महीने से हम लोग लड़ रहे हैं। बीते दिनों यहां आग लगी थी, इसमें 28 से 30 लोगों की मौत हो गई थी। कुछ महीने पहले मोरबी में एक पुल ढह गया था। इसमें 135 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। वडोदरा में एक हादसे में 20 से 25 लोगों की मौत हो गई। आपको एक बात समझनी होगी कि भ्रष्टाचार के कारण ही ये सब वारदातें हो रही हैं, इसलिए मैं मांग करता हूं कि राजकोट एयरपोर्ट के निर्माण में ठेकेदारों के खिलाफ ही नहीं, बल्कि इसमें शामिल अफसरों के खिलाफ भी कार्रवाई हो। उनकी जवाबदेही भी तय की जाए। अगर भाजपा के किसी नेता ने इसमें किसी टेंडर में पैसा खाया है, तो उसकी भी जांच होनी चाहिए और दोषी होने पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो।“

कांग्रेस नेता ने कहा, “जब तक बड़ी मछलियां सलाखों के पीछे नहीं जाएंगी, तब तक अग्निकांड के पीड़ितों को न्याय नहीं मिलेगा। राजकोट एयरपोर्ट का ऊपरी हिस्सा आखिर क्यों नष्ट हुआ? मैं मांग करता हूं कि इसकी शीर्ष अधिकारियों के नेतृत्व में जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो।“

बता दें कि शनिवार को राजकोट एयरपोर्ट की कैनोपी का ऊपरी हिस्सा ढह गया। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई और न ही कोई घायल हुआ। हवाई अड्डे के निदेशक ने बताया कि जलभराव की वजह से हवाई अड्डे के आगे की छत ढह गई थी। इससे पहले, दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल की भी एक छत गिर गई थी। इसमें एक व्यक्ति की मौत और चार अन्य घायल हो गए थे।