‘वो मेरे आदर्श हैं’, बाबासाहेब आंबेडकर की तस्वीर फाड़ने पर बोले जितेंद्र आव्हाड

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मुंबई, 30 मई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में शरद पवार गुट के विधायक जितेंद्र आव्हाड ने संविधान निर्माता बाबासाहेब आंबेडकर के पोस्टर जलाए जाने पर सफाई दी है।

उन्होंने कहा, “मुझसे यह गलती अनजाने में हो गई, जब मैं मनुस्मृति जला रहा था, तब मैं जोश में था और मुझे इस बात का एहसास नहीं था कि मुझसे बाबासाहेब आंबेडकर का पोस्टर जल गया है। किसी ने मुझे मनुस्मृति और बाबासाहेब आंबेडकर की संयुक्त फोटो थमा दी थी और मैंने उसे गलती से फाड़कर जला दिया। मुझे अपनी इस गलती का एहसास है, जिसके लिए मैं बीते दिनों सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर माफी भी मांग चुका हूं। हम इंसान हैं और आमतौर पर गलती इंसानों से हो जाती है। अगर मुझसे गलती नहीं होगी, तो यह पता कैसे लगेगा कि मैं इंसान हूं। प्रदेश में कई लोगों को पता है कि मैं पिछले कई सालों से बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों पर चलने का प्रयास कर रहा हूं। वो मेरे पूजनीय हैं और मैं उनका पोस्टर जलाऊं, यह नामुमकिन है। मुझसे जो कुछ भी हुआ, वो सब कुछ अनजाने में हुआ, मुझे इसका बिल्कुल भी एहसास नहीं था।“

उन्होंने कहा, “इस घटना को प्रदेशभर में जिस तरह से दिखाने का प्रयास किया गया, उसकी मैं निंदा करता हूं। कई लोग अब सामने आकर कह रहे हैं कि आप मनुस्मृति के खिलाफ आंदोलन मत कीजिए। अपनी आवाज मत उठाइए, लेकिन इन लोगों को शायद यह नहीं पता है कि मैं अपने जीवन के अंतिम क्षण तक मनुवादियों के खिलाफ लड़ता रहूंगा, क्योंकि मनुवादियों ने हमेशा ही हमारे समाज को विभाजित किया है।“

उन्होंने आगे कहा, “मैंने जिस तरह से मनुस्मृति जलाया है, उस पर मुझे फक्र है। मुझे पूरा विश्वास है कि जब मैं यह सब कुछ जला रहा था, तब बाबासाहेब हमें ऊपर से देखकर बहुत खुश हो रहे थे। बाबासाहेब ने हमें आशीर्वाद भी दिया।“

उन्होंने कहा, “मनुस्मृति में जिस तरह से महिलाओं की व्याख्या की गई है, जिस तरह के शब्दों का चयन उनके लिए किया गया है, उसकी मैं आलोचना करता हूं और हमेशा करता रहूंगा। अगर कोई मुझसे इन सभी मुद्दों पर बात करना चाहता है या कोई मेरे साथ आकर ओपन डिबेट करना चाहता है, तो करे, मैं उसका स्वागत करता हूं।“