संजीव बालियान अपनी हार के लिए खुद जिम्मेदार : संगीत सोम

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मेरठ, 11 जून (आईएएनएस)। लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में खराब प्रदर्शन के बाद भाजपा नेताओं में आरोपों का दौर शुरू हो गया है। सोमवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम पर आरोप लगाया था कि उन्होंने सपा प्रत्याशी को खुलकर चुनाव लड़ाया। इस पर पलटवार करते हुए संगीत सोम ने कहा कि उन्हें जो भी बात कहनी है, पार्टी के फोरम पर रखें।

पूर्व विधायक संगीत सोम ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि मैं भी 2022 में चुनाव हारा था, लेकिन मैंने कभी भी मीडिया के सामने अपनी हार का ठीकरा किसी पर नहीं फोड़ा। उन्हें अपनी बात पार्टी फोरम पर रखनी चाहिए, हम भी वहीं अपनी बात रखेंगे। भले ही संजीव बालियान उन्हें अपनी हार के लिए जिम्मेदार बताकर इशारों ही इशारों में पार्टी का ‘शिखंडी’ और ‘विभीषण’ बता रहे हैं। लेकिन, मेरे मां-बाप ने इस प्रकार के संस्कार नहीं दिए कि वह किसी को भी ‘शिखंडी’ या ‘विभीषण’ कहें। वह इस विषय में कुछ नहीं कहेंगे।

उन्होंने कहा कि बालियान अगर उन पर सरधना विधानसभा में उन्हें चुनाव हराने का आरोप लगा रहे हैं तो बालियान खुद जवाब दें कि बुढ़ाना का सोरम गांव, जिसे संजीव बालियान का घर माना जाता है, वहां वह क्यों हारे?

उन्होंने दावा किया कि सरधना बूथ से संजीव बालियान को वोटों का कोई नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने हार के लिए हिंदुओं द्वारा वोटिंग कम करने और हिंदू वोटों का बंटवारा सहित मुस्लिम क्षेत्रों में अधिक मतदान होने को कारण बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता इस पर मंथन कर रहे हैं।

आरएलडी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने पर संगीत सोम ने कहा कि इससे भाजपा का नुकसान ही हुआ है। ऐसी सीटें जहां भाजपा हमेशा जीतती आई है, उन सीटों पर भी भाजपा प्रत्याशी हार गए।

संगीत सोम ने कहा कि संजीव बालियान की यह बात गलत है कि मैं सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रहा हूं। मेरे पास कुछ भी सरकारी नहीं है। सब कुछ अपना है। सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग संजीव बालियान खुद कर रहे हैं। मैं इतना बड़ा नेता नहीं कि मैं उन्हें हरवा सकूं। वह अपनी हार के लिए खुद जिम्मेदार हैं। मुख्यमंत्री के आने पर प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में संजीव बालियान के साथ हुई वार्ता में मुझे कहा गया था कि वह सरधना सीट देखें, बाकी सीटों पर ध्यान नहीं दें। मैंने चुनाव में सरधना सीट पर ध्यान दिया और इस सीट पर बराबर वोट मिले हैं। खतौली विधानसभा में भी कम वोट मिले हैं।