Tuesday, July 21, 2026
SGSU Advertisement
Home Student & Youth आरएनटीयू में ‘सेफ क्लिक हैकाथॉन 2.0’ का आयोजन, साइबर सुरक्षा के नवाचारों...

आरएनटीयू में ‘सेफ क्लिक हैकाथॉन 2.0’ का आयोजन, साइबर सुरक्षा के नवाचारों से रूबरू हुए युवा

0
9

भोपाल : 21 जुलाई/ डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और युवाओं को नवाचार आधारित समाधान विकसित करने के लिए रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (आरएनटीयू) में ‘सेफ क्लिक हैकाथॉन 2.0’ का आयोजन किया गया। रायसेन पुलिस और एआईसी-आरएनटीयू फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता में भोपाल और इंदौर के विभिन्न स्कूलों एवं कॉलेजों की 28 टीमों ने हिस्सा लेकर साइबर सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों के अभिनव तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम का आयोजन ‘सेफ क्लिक’ पहल के तहत किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाना और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देना है।

28 टीमों ने दिखाया तकनीकी नवाचार

हैकाथॉन में प्रतिभागियों ने साइबर अपराधों की रोकथाम और ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए तकनीक आधारित मॉडल और नवाचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने अपनी तकनीकी समझ, रचनात्मक सोच और समस्या-समाधान क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

इन टीमों ने जीते पुरस्कार

प्रतियोगिता में प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग मैनेजमेंट एंड रिसर्च की टीम ‘लिनक्स 2.0’ ने प्रथम स्थान हासिल करते हुए 5,000 रुपये का पुरस्कार जीता।

दूसरे स्थान पर मदर टेरेसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल की टीम ‘साइबर सेवर्स’ रही, जिसे 3,000 रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया।

वहीं एआईसेक्ट समूह की स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी (एसजीएसयू) की टीम ‘ऑब्सिडियन’ ने तीसरा स्थान प्राप्त करते हुए 2,000 रुपये का पुरस्कार अपने नाम किया।

साइबर सुरक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी

कार्यक्रम में रायसेन के पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता, एसडीओपी शीला सुराना, एमपी स्टार्टअप सेंटर की एग्जीक्यूटिव हेड डॉ. आभा ऋषि, मार्केटिंग हेड अरुणाभ दुबे, आरएनटीयू के प्रति-कुलपति प्रो. संजीव गुप्ता, सहायक कुलसचिव (प्रशासन) समीर चौधरी तथा एआईसी-आरएनटीयू फाउंडेशन के सीईओ रोनाल्ड फर्नांडिस विशेष रूप से उपस्थित रहे।

अतिथियों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर किया गया एक क्लिक गंभीर साइबर अपराध का कारण बन सकता है। इसलिए “क्लिक करने से पहले सोचें” का संदेश हर व्यक्ति तक पहुंचाना आवश्यक है।

उन्होंने युवाओं से साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी, व्यवहारिक और नवाचारी समाधान विकसित करने का आह्वान भी किया।

युवाओं को नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी के लिए प्रेरित करता है आयोजन

आरएनटीयू की कुलसचिव डॉ. संगीता जौहरी ने कहा कि डिजिटल दौर में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ नवाचार, तकनीकी दक्षता और सामाजिक उत्तरदायित्व के लिए निरंतर प्रोत्साहित करता है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को वास्तविक समस्याओं के समाधान विकसित करने का अवसर देने के साथ-साथ उन्हें जिम्मेदार और जागरूक डिजिटल नागरिक बनने की प्रेरणा भी देते हैं।

सेफ क्लिक हैकाथॉन 2.0 ने शिक्षा जगत, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच सहयोग का एक प्रभावी मंच प्रदान किया। कार्यक्रम ने युवाओं में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ नवाचार और तकनीकी समाधान विकसित करने की भावना को भी नई ऊर्जा प्रदान की।