भोपाल : 2 अप्रैल/ प्रदेश में डिजिटल जागरूकता को बढ़ावा देने और आमजन, विद्यार्थियों एवं युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आईसेक्ट द्वारा कौशल रथ के साथ “AI साक्षरता मिशन” का शुभारंभ गुरुवार को शासकीय सरोजनी नायडू गर्ल्स विद्यालय से सफलतापूर्वक किया गया। इसके बाद कौशल रथ हायर सेकंडरी विद्यालय बावड़िया भोपाल पहुंचा। इन दोनों स्थानों पर विद्यालय के छात्रों को अनुभवी ट्रेनर्स द्वारा एआई के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान सरोजनी नायडू विद्यालय के 25 शिक्षकों को आईसेक्ट के फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत एआई ट्रेनिंग दी गई।
यह विशेष रूप से डिज़ाइन की गई बस प्रदेश के विभिन्न जिलों में भ्रमण कर नागरिकों को एआई के उपयोग, संभावनाओं और सुरक्षित प्रयोग के संबंध में प्रशिक्षण एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान करेगी। शुभारंभ के बाद यह बस रायसेन, विदिशा, नर्मदापुरम, बुधनी, औबेदुल्लागंज, मंडीदीप, इंदौर, देवास, उज्जैन, शाजापुर और सीहोर सहित विभिन्न स्थानों पर जाकर एआई साक्षरता अभियान को विस्तार देगी।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने एआई को वर्तमान समय की सबसे प्रभावशाली तकनीक बताते हुए इसके व्यापक सामाजिक और आर्थिक प्रभावों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों ने एआई के जिम्मेदार और सुरक्षित उपयोग पर भी बल दिया तथा प्रतिभागियों को बताया कि किस प्रकार एआई दैनिक जीवन, शिक्षा और कार्यक्षेत्र में उपयोगी साबित हो सकता है। इस पहल के माध्यम से न केवल डिजिटल जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने में भी सहायता मिलेगी।
इस अवसर पर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा कि “AI साक्षरता मिशन” के अंतर्गत कौशल रथ के माध्यम से युवाओं और आम नागरिकों को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि एआई आने वाले समय में शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में नए अवसरों का द्वार खोलेगा, इसलिए आवश्यक है कि युवा इस तकनीक को समझें और उसे अपने कौशल विकास का हिस्सा बनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान के माध्यम से प्रदेश में एआई साक्षरता को एक व्यापक जन-आंदोलन के रूप में विकसित किया जाएगा।


