Saturday, August 8, 2026
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देवास में 6 अगस्त को होगा ‘स्मरण अफ़ज़ल’ व्याख्यान, देशभर के कला और साहित्य विशेषज्ञ करेंगे चित्रकार अफ़ज़ल को याद

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भोपाल। वनमाली सृजन केंद्रों के छठवें राष्ट्रीय सम्मेलन के अंतर्गत प्रख्यात चित्रकार अफ़ज़ल खान की स्मृति में ‘स्मरण अफ़ज़ल’ व्याख्यान का आयोजन 6 अगस्त 2026 को शाम 4 बजे होटल श्री खेड़ापति इंटरनेशनल, देवास में किया जाएगा। कार्यक्रम में देशभर के प्रतिष्ठित चित्रकार, कला समीक्षक, साहित्यकार और कला विशेषज्ञ अफ़ज़ल के व्यक्तित्व, कृतित्व तथा भारतीय आधुनिक चित्रकला में उनके योगदान पर विचार साझा करेंगे।

इस आयोजन की अध्यक्षता राष्ट्रीय वनमाली सृजन पीठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष, विश्वरंग के निदेशक एवं रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे करेंगे।

देश के प्रतिष्ठित कला विशेषज्ञ होंगे शामिल

व्याख्यान में डॉ. राजेश व्यास (कवि एवं कला समीक्षक, जयपुर), विनय कुमार (आईएएस एवं निदेशक, बापू टावर, पटना), अशोक भौमिक (वरिष्ठ चित्रकार एवं कला समीक्षक, नई दिल्ली), महावीर वर्मा (चित्रकार एवं लेखक, रतलाम) तथा प्रकाश कांत (वरिष्ठ साहित्यकार, देवास) प्रमुख वक्ता के रूप में शामिल होंगे।

सभी वक्ता अफ़ज़ल की प्रयोगधर्मी कला, अमूर्त चित्रकला की उनकी विशिष्ट शैली और भारतीय समकालीन कला में उनके योगदान पर विस्तार से अपने विचार रखेंगे।

मोनोग्राफ का लोकार्पण और चित्र प्रदर्शनी भी

कार्यक्रम के दौरान चित्रकार अफ़ज़ल खान पर प्रकाशित मोनोग्राफ का लोकार्पण एवं परिचर्चा आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही उनकी चुनिंदा कलाकृतियों की विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिससे कला प्रेमियों को उनके सृजन संसार को निकट से देखने का अवसर मिलेगा।

स्थानीय रचनाकारों की काव्य गोष्ठी

सम्मेलन के दूसरे सत्र में शाम 6:15 बजे से 7:15 बजे तक स्थानीय रचनाकारों की काव्य गोष्ठी आयोजित होगी। इसका संयोजन चयन कानूनगो करेंगे।

कार्यक्रम का संचालन मनीष वैद्य करेंगे, जबकि कृपाली राणा स्वागत वक्तव्य देंगी। अतिथियों का परिचय तनिष्का प्रस्तुत करेंगी और डॉ. अर्जुन कुमार सिंह आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का संयोजन करेंगे।

इस आयोजन का संयुक्त रूप से राष्ट्रीय वनमाली सृजन पीठ, वनमाली सृजन केंद्र, देवास तथा टैगोर कला केंद्र, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल द्वारा किया जा रहा है। आयोजन समिति ने देवास एवं आसपास के कला, साहित्य, संस्कृति और मीडिया जगत से जुड़े लोगों से कार्यक्रम में सहभागी बनने की अपील की है।

चित्रकार अफ़ज़ल: जिन्होंने देवास को कला के राष्ट्रीय मानचित्र पर स्थापित किया

अफ़ज़ल खान का जन्म 1 अगस्त 1936 को देवास में हुआ था। उन्होंने माधव कॉलेज, उज्जैन से ड्राइंग एवं पेंटिंग में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की और इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ से पेंटिंग में स्नातकोत्तर डिप्लोमा हासिल किया।

उन्होंने औद्योगिक उपयोग में आने वाले एनामल पेंट को ललित कला का प्रभावशाली माध्यम बनाकर चित्रकला में कई अभिनव प्रयोग किए। उनकी विशेष पहचान अमूर्त चित्रकला के क्षेत्र में रही। वे बाल भवन, भोपाल के निदेशक भी रहे और उन्होंने अनेक युवा कलाकारों का मार्गदर्शन किया, जो आज देश के प्रतिष्ठित कलाकारों में शामिल हैं।

अफ़ज़ल को राज्य और राष्ट्रीय स्तर के अनेक सम्मान प्राप्त हुए तथा उनकी कलाकृतियाँ देश के कई प्रमुख कला संग्रहालयों और निजी संग्रहों में सुरक्षित हैं। उनके योगदान ने देवास को भारतीय कला जगत में एक विशिष्ट पहचान दिलाई।