छोटी-छोटी आदतों में बदलाव और ऊर्जा दक्ष उपकरणों के उपयोग से घट सकता है बिजली खर्च
भोपाल, 4 जून। अक्सर बिजली का बिल बढ़ने पर लोग स्मार्ट मीटर या बिजली कंपनी को जिम्मेदार ठहराते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकांश मामलों में बढ़ा हुआ बिल हमारी दैनिक उपयोग की आदतों का परिणाम होता है। यदि कुछ सामान्य सावधानियां बरती जाएं और ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग किया जाए तो बिजली की खपत में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार घरों में उपयोग होने वाले कई विद्युत उपकरण बंद दिखाई देने के बावजूद बिजली की खपत करते रहते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण उन्हें पूरी तरह बंद करने के बजाय “स्टैंडबाय मोड” पर छोड़ देना है।
स्टैंडबाय मोड बढ़ा सकता है आपका बिजली बिल
अधिकांश लोग टीवी, म्यूजिक सिस्टम, एयर कंडीशनर और अन्य रिमोट संचालित उपकरणों को रिमोट से बंद कर देते हैं, लेकिन मेन स्विच ऑफ नहीं करते। ऐसी स्थिति में उपकरणों में लगातार बिजली प्रवाहित होती रहती है।
एक अनुमान के अनुसार टीवी, म्यूजिक सिस्टम, एसी और कंप्यूटर जैसे उपकरण स्टैंडबाय मोड में भी 5 से 15 वॉट तक बिजली खर्च करते हैं। केवल एक टीवी यदि महीने भर स्टैंडबाय मोड में रहे तो लगभग 10 यूनिट से अधिक बिजली खर्च कर सकता है। इससे हर महीने अतिरिक्त खर्च जुड़ता रहता है।
भोपाल की अरेरा कॉलोनी के एक सेवानिवृत्त अधिकारी का उदाहरण बताता है कि केवल सावधानीपूर्वक उपयोग से बिजली बिल को नियंत्रित रखा जा सकता है। उनके घर का मासिक बिजली बिल सामान्यतः 500 से 1500 रुपये के बीच रहता है क्योंकि वे सभी उपकरणों को उपयोग के बाद मेन स्विच से बंद करते हैं।
एलईडी और ऊर्जा दक्ष उपकरणों से बड़ी बचत
विशेषज्ञों का कहना है कि एलईडी तकनीक बिजली बचत का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुकी है। एक पारंपरिक 40 वॉट बल्ब के बराबर रोशनी केवल 4 से 5 वॉट क्षमता का एलईडी बल्ब दे सकता है। इसके अलावा एलईडी बल्ब अधिक टिकाऊ होते हैं और कम गर्मी उत्पन्न करते हैं।
इसी प्रकार बीईई फाइव-स्टार रेटेड पंखे और ऊर्जा दक्ष उपकरण बिजली की खपत को काफी हद तक कम कर सकते हैं। एक उपभोक्ता द्वारा ऊर्जा दक्ष एलईडी लाइट और आधुनिक पंखों का उपयोग शुरू करने के बाद उसके घर में लगभग 30 प्रतिशत तक बिजली की बचत दर्ज की गई।
कंप्यूटर का सही उपयोग भी बचा सकता है बिजली
कंप्यूटर और मॉनिटर का अनावश्यक उपयोग भी बिजली खपत बढ़ाता है। विशेषज्ञों के अनुसार मॉनिटर और कॉपियर को स्लीप मोड में रखने से लगभग 40 प्रतिशत तक ऊर्जा बचाई जा सकती है।
एलईडी मॉनिटर पारंपरिक सीआरटी मॉनिटर की तुलना में कम बिजली खर्च करते हैं। यदि कंप्यूटर चालू रखना जरूरी हो तो मॉनिटर बंद रखना बेहतर है, क्योंकि कुल ऊर्जा खपत का बड़ा हिस्सा मॉनिटर ही करता है।
फ्रिज की देखभाल से घटेगा बिजली खर्च
फ्रिज को सीधे धूप या गर्मी पैदा करने वाले उपकरणों के पास नहीं रखना चाहिए। इसके पीछे लगी कंडेंसर कॉयल पर धूल जमने से बिजली की खपत बढ़ जाती है, इसलिए समय-समय पर इसकी सफाई जरूरी है।
फ्रीजर की नियमित डीफ्रॉस्टिंग, दरवाजे की रबर सील (गास्केट) की जांच और अंदर उचित वायु संचार बनाए रखना भी बिजली बचाने में सहायक होता है।
एसी का तापमान 26 डिग्री पर रखें
विशेषज्ञों के अनुसार एयर कंडीशनर को 26 डिग्री सेल्सियस पर सेट करना सबसे किफायती और आरामदायक विकल्प माना जाता है। इससे बिजली की खपत कम होती है और पर्याप्त ठंडक भी मिलती है।
एसी के एयर फिल्टर की नियमित सफाई, टाइमर का उपयोग तथा घर के आसपास पेड़-पौधों की हरियाली बनाए रखना भी बिजली बचत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अनुमान है कि पर्याप्त छायादार वातावरण होने पर एसी की बिजली खपत में 40 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है।
समझदारी से उपयोग करें, बिल पर रखें नियंत्रण
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली बचाने के लिए बड़े निवेश की आवश्यकता नहीं होती। केवल स्टैंडबाय मोड से बचना, ऊर्जा दक्ष उपकरण अपनाना और नियमित रखरखाव करना ही बिजली बिल को काफी हद तक नियंत्रित कर सकता है।
यदि उपभोक्ता इन सरल उपायों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लें, तो बिजली की बचत के साथ-साथ मासिक खर्च में भी उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

