“महात्मा हंसराज राष्ट्रीय सम्मान–2026″ से सम्मानित हुए संतोष चौबे

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नई दिल्ली : 16 जनवरी/ राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर हंसराज कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा विज्ञान भवन, नईदिल्ली के मुख्य सभागार में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में वरिष्ठ कवि–कथाकार, विश्व रंग के निदेशक एवं रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे जी को “महात्मा हंसराज राष्ट्रीय सम्मान–2026 से सम्मानित किया गया।

श्री संतोष चौबे को वैश्विक स्तर पर शिक्षा, उद्यमिता, नवाचार, हिंदी भाषा, साहित्य, संस्कृति एवं कला के उन्नयन में रचनात्मक और सृजनातक कार्यों के लिए यह सम्मान भारत के पूर्व शिक्षा मंत्री माननीय श्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ द्वारा प्रदान किया गया।

उल्लेखनीय है कि कवि–कथाकार, उपन्यासकार, संपादक और अनुवादक श्री संतोष चौबे अपने अभिनव रचनात्मक प्रकल्पों और नवाचारों के लिए वैश्विक स्तर पर एक विशिष्ट पहचान रखते हैं। उन्होंने हिन्दी भाषा और भारतीय संस्कृति के प्रसार के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय ‘विश्वरंग’ महोत्सव की वर्ष 2019 में भोपाल से शुरुआत की जिसके आज 65 से अधिक सदस्य देश हैं। विश्व रंग ‘मॉरीशस’ के बाद हाल ही में उन्होंने श्रीलंका, मुंबई और भोपाल में विश्व रंग का सातवाँ भव्य आयोजन कर हिंदी के वैश्विक विस्तार की जमीन तैयार की है।

श्री संतोष चौबे को मैक्समूलर अंतरराष्ट्रीय अलंकरण–2025′ (नीदरलैंड्स), सिंगापुर में ‘विश्व हिंदी शिखर सम्मान– 2024’, फ्रांस में प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय ‘भारत गौरव सम्मान–2024’, लंदन में “वातायन यू.के. अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मान 2023” और अमेरिका के प्रतिष्ठित संस्थान द्वारा ‘लाईफ टाईम एचीवमेंट अवार्ड–2023 से सम्मानित किया गया।

श्री संतोष चौबे जी को कविता (कहीं और सच होंगे सपने) के लिए मध्यप्रदेश साहित्य परिषद् का दुष्यंत कुमार पुरस्कार, आलोचना (कला की संगत) के लिए स्पंदन आलोचना सम्मान, अनुवाद (मास्को डायरी) के लिए मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति का पुरस्कार एवं उपन्यास (जलतरंग) के लिए शैलेश मटियानी तथा अन्तरराष्ट्रीय वैली ऑफ वर्ड्स पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। समग्र साहित्यिक अवदान के लिए उन्हें राष्ट्रीय दुष्यंत अलंकरण, शिवमंगल सिंह सुमन सम्मान’ एवं अखिल भारतीय ब्रह्मदत्त तिवारी स्‍मृति सम्मान–2024′ से अलंकृत किया गया हैं।

“महात्मा हंसराज सम्मान–2026” के लिए श्री संतोष चौबे जी को ‘विश्व रंग’ फाउंडेशन, टैगोर अंतरराष्ट्रीय हिंदी केंद्र, प्रवासी भारतीय साहित्य एवं संस्कृति शोध केंद्र, टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केंद्र, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, स्कोप ग्लोबल स्किल्स विश्वविद्यालय, डॉ. सी.वी. रामन विश्वविद्यालय, बिलासपुर, खंडवा, वैशाली, आईसेक्ट विश्वविद्यालय, हजारीबाग, आईसेक्ट पब्लिकेशन, वनमाली सृजन पीठ, वनमाली सृजन केंद्रों तथा साहित्य, कला संस्कृति की सहयोगी संस्थाओं की ओर से हार्दिक  शुभकामनाएं दी।